
New Delhi, 25 अक्टूबर . भाजपा नेताओं ने फारूक अब्दुल्ला के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि Pakistan अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाकर वहां के लोगों की आवाज उठा रहा है और उनकी रक्षा कर रहा है. केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला का बयान राष्ट्र विरोधी है. India में रहकर India विरोधी बयान को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने से बातचीत में कहा, “फारूक अब्दुल्ला अब ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं, जो देश-विरोधी बयानों से मेल खाती है. फारूक अब्दुल्ला का कहना है कि उनके बेटे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए Chief Minister बने थे. लेकिन उन्हें Pakistan के कब्जे वाले कश्मीर (पीओजेके) के हालात पर नजर डालनी चाहिए. उन्हें वहां लोकतंत्र की स्थिति देखनी चाहिए, जहां विरोध प्रदर्शन करने या अपनी राय रखने वालों पर गोलियां चलाई जाती हैं. आज कश्मीर में लगभग 2 करोड़ पर्यटक आते हैं, जबकि पहले यह संख्या सिर्फ 20 लाख थी. आज कश्मीर में सड़कों का एक बड़ा नेटवर्क है, जम्मू और कश्मीर को जोड़ने वाला सबसे ऊंचा रेलवे पुल,आईआईटी और एम्स जैसे संस्थान मौजूद हैं.”
BJP MP गुलाम अली खटाना ने कहा, “फारूक अब्दुल्ला कभी कोई चुनाव नहीं जीते हैं. कश्मीर में अब तक केवल दो चुनाव हुए हैं, एक मोरारजी देसाई के कार्यकाल में और दूसरा हाल ही में Prime Minister Narendra Modi के कार्यकाल में हुए, जिनमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस तरह लोकतंत्र में अपना भरोसा मजबूत किया.”
BJP MP मंजू शर्मा ने कहा, “मैं यही कहूंगी कि जब भी फारूक अब्दुल्ला सत्ता में होते हैं, तो समय-समय पर Pakistan के प्रति उनका लगाव साफ नजर आने लगता है. इससे लगता है कि फारूक अब्दुल्ला जिस देश में रहते हैं, उस पर विश्वास नहीं करते.”
शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कहा, “फारूक अब्दुल्ला उम्र के लिहाज से काफी वरिष्ठ नेता हैं. वे कई बार Chief Minister रह चुके हैं और Union Minister भी रहे हैं. उनके बेटे जम्मू-कश्मीर के Chief Minister हैं और देश में उन्हें काफी सम्मान और प्रतिष्ठा मिली है. हालांकि, कल Pakistan के पक्ष में दिए गए उनके बयान ने उनकी अपनी छवि को धूमिल किया है, उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है और Chief Minister उमर अब्दुल्ला की छवि पर भी असर डाला है. फारूक अब्दुल्ला को पड़ोसी देश से इतना ही लगाव है तो Pakistan चले जाएं और बाकी की जिंदगी वहीं गुजारें.”
Union Minister अन्नपूर्णा देवी ने कहा, “फारूक अब्दुल्ला जैसे लोगों को कश्मीर के मुद्दे पर बोलने का कोई अधिकार ही नहीं है. धारा 370 हटने से जम्मू-कश्मीर का युवा आज मुख्यधारा से जुड़कर नौकरी और रोजगार कर रहा है. कश्मीर में Government की योजनाओं का लाभ सभी लोगों को मिल रहा है.”
भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “फारूक अब्दुल्ला को समझना चाहिए कि Prime Minister Narendra Modi और अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक काम किया है. India आज आगे बढ़ रहा है, कोई भी देश बुरी नजर से देखने के बारे में सोच भी नहीं सकता है. कोई भी India को कई बुरी नजर से देखता है तो उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाता है.”
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ओपी/पीएम
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