भाजपा की ‘बी टीम’ के रूप में काम कर रही बसपा का जनाधार खत्म: रविदास मल्होत्रा

Lucknow, 3 सितंबर . बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती के आकाश आनंद को फिलहाल पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी नहीं देने के फैसले पर Samajwadi Party के विधायक रविदास मल्होत्रा ने निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ‘बी टीम’ के रूप में बसपा काम कर रही है. साथ ही, उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बसपा का जनाधार कमजोर हो चुका है और आगामी विधानसभा चुनाव में Samajwadi Party अपने दम पर Government बनाने की स्थिति में है.

मायावती के उस बयान पर कि आकाश आनंद को अभी पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी और उन्हें Political रूप से और परिपक्व होने की जरूरत है, इस पर रविदास मल्होत्रा ने कहा कि बसपा में जो नेता भाजपा के खिलाफ बोलते हैं, उनका कद कम कर दिया जाता है या उसे पार्टी से बाहर कर दिया जाता है. आकाश आनंद भी लगातार भाजपा के खिलाफ बोलते रहे हैं, इसलिए पार्टी में उनका सम्मान कम हुआ है और उन्हें अपरिपक्व नेता बताया जा रहा है. मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा की ‘बी टीम’ की तरह बसपा काम कर रही है.

मायावती के यूपी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने के ऐलान पर मल्होत्रा ने कहा कि बसपा ने 2024 के Lok Sabha चुनाव से पहले भी इसी तरह का दावा किया था. पार्टी का जनाधार समाप्त हो चुका है और उसका दलित वोट बैंक Samajwadi Party के साथ आ गया है. उत्तर प्रदेश में सपा के पक्ष में माहौल है और जनता अखिलेश यादव को Chief Minister बनाना चाहती है.

राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ के रूप में पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर उन्होंने कहा कि नए सीईओ की प्राथमिकता राम मंदिर से जुड़े चंदे और कथित संपत्ति संबंधी अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए. मंदिर के चढ़ावे, आभूषण और अन्य कीमती सामान को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं. इन मामलों की जांच हाई कोर्ट या Supreme Court के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए और यदि कोई संपत्ति गायब हुई है तो उसे बरामद किया जाए. नए सीईओ को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मंदिर के प्रबंधन में भविष्य में ऐसी किसी अनियमितता की गुंजाइश न रहे.

कांग्रेस नेता इमरान मसूद और राजेंद्र पाल गौतम की ओर से आगामी विधानसभा चुनाव में सम्मानजनक और बराबरी के आधार पर सीट बंटवारे की मांग पर मल्होत्रा ने कहा कि हमारी पार्टी यूपी में अकेले Government बनाने में सक्षम है. हालांकि, गैर-भाजपा वोटों के बंटवारे को रोकने और इंडिया गठबंधन की Government बनाने के लिए सपा और कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ने पर विचार किया जा सकता है. सीट बंटवारे का फैसला दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व करेगा.

मल्होत्रा ने कहा कि अखिलेश यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी मिलकर इस पर निर्णय लेंगे. उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि सीट शेयरिंग जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सार्वजनिक बयानबाजी से बचना चाहिए.

इमरान मसूद द्वारा सपा पर निशाना साधे जाने और कांग्रेस को कमजोर नहीं होने देने की बात पर मल्होत्रा ने कहा कि सपा का संगठन जमीनी स्तर पर मजबूत है. पार्टी ने बूथ स्तर पर बीएलए और कमेटियां तैयार की हैं और लगातार जनसंपर्क अभियान चल रहा है. कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन पर अंतिम फैसला इंडिया गठबंधन के शीर्ष नेता और दोनों दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे.

मल्होत्रा ने कहा कि कांग्रेस को 2024 Lok Sabha चुनाव में उत्तर प्रदेश में मिली सफलता में सपा गठबंधन की भूमिका रही. सपा राज्य में सबसे मजबूत संगठनात्मक आधार वाली पार्टियों में है और विभिन्न सामाजिक वर्गों का समर्थन उसे मिल रहा है. सपा और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ें तो गैर-भाजपा वोटों का विभाजन रोका जा सकता है.

/डीकेपी