
Lucknow, 16 सितंबर . Samajwadi Party (सपा) के नेताओं ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा का पास हिंदू-मुस्लिम करने के अलावा और कुछ नहीं है. वे महंगाई, रोजगार या किसानों के बारे में बात नहीं कर सकते.
यूसीसी पर Samajwadi Party के नेता एसटी हसन ने कहा, “इस पार्टी (भाजपा) के पास हिंदू-मुस्लिम करने के अलावा और कुछ नहीं है. वे महंगाई, रोजगार या किसानों के बारे में बात नहीं कर सकते. जब ये कुछ नहीं कर सकते हैं तो रात के अंधेरे में बीते दिनों मुस्जिद पर बुलडोजर चलाया. ये कभी ‘वंदे मातरम’ को लेकर आ जाते हैं. अब यूसीसी लेकर आए हैं.”
उन्होंने कहा कि India में मुसलमानों की आबादी दूसरी सबसे बड़ी है. सिर्फ मुसलमान ही नहीं, इस्लाम, सिख और ईसाई को मानने वाले सभी लोगों के अपने धार्मिक नियम होते हैं. एसटी हसन ने आगे कहा कि यूसीसी लाकर माहौल खराब करने की कोशिश है.
यूसीसी पर अमित शाह के बयान को लेकर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “Government की तरफ से कई बातें की गईं, जो आज ठंडे बस्ते में हैं, चाहे वह महिलाओं का आरक्षण या ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’. जनता का इनके प्रति अविश्वास है. इसलिए ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बयान दिए जाते हैं.”
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने अखिलेश यादव के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यह राष्ट्र को बांटने की साजिश है. समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पूरे देश के लिए आनी चाहिए और संसद में चर्चा होनी चाहिए. जो लोग राज्यवार यूसीसी लाने की कोशिश कर रहे हैं क्या वह देश को बांटना चाहते हैं या देश में कई कानून बनाना चाहते हैं. एक तरफ ये (भाजपा) कहते हैं कि ‘एक विधान और एक निशान’, जबकि दूसरी तरफ राज्यवार यूसीसी ला रहे हैं. इसका मतलब है कि भाजपा शासित राज्यों को आप राष्ट्र मानते हैं.
उन्होंने कहा कि यह भाजपा के ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग की यह साजिश है. इसको बेनकाब किया जाएगा और जब बेनकाब होते हैं तो यूसीसी के तमाम फुल फॉर्म सामने आते हैं.
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डीसीएच/
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