
Mumbai , 14 सितंबर . परिसीमन और Lok Sabha सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के गिर जाने के बाद डीएमके संसदीय दल की नेता कनिमोझी ने प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं के साथ बातचीत शुरू कर दी है.
संपर्क बढ़ाने की कोशिश के तहत कनिमोझी ने Mumbai के बांद्रा स्थित ‘मातोश्री’ आवास पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. ठाकरे ने खुद डीएमके सांसद का स्वागत किया और उन्हें सम्मान के तौर पर सुनहरी शॉल भेंट की.
करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई और मिलिंद नार्वेकर भी मौजूद थे. खबरों के मुताबिक, नेताओं ने संसद में परिसीमन बिल के गिरने, भाजपा के प्रति कांग्रेस के मौजूदा रुख और इंडिया ब्लॉक की भविष्य की रणनीति पर चर्चा की. इस चर्चा में विपक्षी गठबंधन में क्षेत्रीय और छोटी पार्टियों के महत्व और उभरती Political चुनौतियों से निपटने में उनकी भूमिका पर भी बात हुई.
दक्षिणी राज्यों पर परिसीमन के संभावित असर और प्रभावित राज्यों व क्षेत्रीय पार्टियों द्वारा अपनी प्रतिक्रिया में तालमेल बिठाने की जरूरत पर खास ध्यान दिया गया.
ठाकरे के साथ बैठक के बाद कनिमोझी दिल्ली गईं, जहां उन्होंने नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एसपी) के नेता शरद पवार और उनकी बेटी व Lok Sabha सदस्य सुप्रिया सुले के साथ अलग-अलग बातचीत की.
इन मुलाकातों से यह अटकलें शुरू हो गई हैं कि डीएमके उन क्षेत्रीय पार्टियों को एक साथ लाने की संभावना तलाश रही है, जिनके कांग्रेस पार्टी के साथ मतभेद हैं.
ऐसी पहल से आखिरकार राष्ट्रीय स्तर पर एक तीसरे Political गठबंधन के उभरने का रास्ता बन सकता है, जो भाजपा और कांग्रेस दोनों से स्वतंत्र हो.
खबर है कि ठाकरे के साथ बातचीत के दौरान कनिमोझी ने परिसीमन प्रस्तावों का विरोध करने वाली राज्य-स्तरीय पार्टियों के बीच बेहतर सहयोग पर चर्चा की. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय ताकतों के लिए एक बड़ा मंच बनाने की संभावना पर भी विचार-विमर्श किया.
तमिलनाडु के Chief Minister सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में चेन्नई में बुलाई गई परिसीमन-विरोधी बैठक से डीएमके दूर रही थी, जबकि कांग्रेस ने इसमें हिस्सा लिया था. इस घटनाक्रम ने इस मुद्दे पर अपनाई जाने वाली रणनीति को लेकर विपक्षी दलों के बीच मतभेदों को उजागर किया.
Maharashtra में कांग्रेस के साथ ठाकरे के कथित मतभेदों ने भी कनिमोझी की इस यात्रा को और महत्वपूर्ण बना दिया है.
उम्मीद है कि कनिमोझी पंजाब के Chief Minister और आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान तथा Samajwadi Party के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलकर अपना संपर्क अभियान जारी रखेंगी.
इन प्रस्तावित बैठकों को एक समन्वित क्षेत्रीय Political मंच के लिए समर्थन का आकलन करने की डीएमके की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
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ओपी/पीएम
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