
वॉशिंगटन, 6 अक्टूबर . अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ब्रिटेन में मिली धमकियों के पीछे ईरान का हाथ पाया गया, तो उसे ‘भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.’ इन धमकियों के बाद अमेरिका ने ब्रिटेन से अपने कुछ सैन्य संसाधनों को दूसरी जगह भेजा था. हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरान के साथ सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं.
पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कई बार ईरान का जिक्र किया. उनसे अमेरिकी बमवर्षक विमानों को दूसरी जगह भेजने, मिडिल ईस्ट में तनाव, ऊर्जा आपूर्ति और फ्लाईDubai से जुड़ी एक घटना के बारे में सवाल पूछे गए.
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या किसी खास खतरे की वजह से अमेरिका ने अपने बमवर्षक विमानों को ब्रिटेन से हटाया, तो उन्होंने पुष्टि की कि कुछ धमकियां मिली थीं.
ट्रंप ने कहा, “कुछ धमकियां थीं. दुश्मन को मौका देने के बजाय हम उसे पकड़ेंगे और हराएंगे. हमें अपने विमानों को वहां छोड़ने की क्या जरूरत है? इसलिए हमने उन्हें थोड़ा इधर-उधर कर दिया, बहुत दूर नहीं.”
हालांकि, शुरुआत में ट्रंप ने यह नहीं बताया कि इन धमकियों के पीछे कौन था. बाद में उनसे पूछा गया कि क्या ईरान के ब्रिटेन में लड़ाकू ड्रोन लाने का खतरा था और क्या इसी वजह से अमेरिकी सैन्य संसाधनों को दूसरी जगह भेजा गया.
इस पर ट्रंप ने कहा, “मैं आपको यह नहीं बता सकता, लेकिन अगर उन्होंने ऐसा किया है तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.” इसके बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों को पता है कि धमकी के पीछे कौन लोग थे.
उन्होंने कहा, “हमें एक धमकी मिली थी. अगर हमें धमकी दी जा रही है, तो हम अपने सैन्य संसाधनों को दूसरी जगह भेज सकते हैं और इससे खतरा कुछ कम हो जाता है. हमें यह भी पता है कि धमकी देने वाले लोग कौन हैं और अब वे बड़ी मुश्किल में हैं.”
यह पूछे जाने पर कि क्या ब्रिटेन अभी भी अमेरिकी बलों के लिए सुरक्षित है, ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि हां. आपके नए Prime Minister के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं.”
जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या वह ईरान के साथ सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं, तो उन्होंने कहा, “हां, हमेशा.”
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि एयरलाइन से जुड़ी इस कथित आतंकी घटना के पीछे ईरान था, तो ट्रंप ने कहा, “हां, मुझे ऐसा लगता है. व्यक्तिगत तौर पर मैं यही मानता हूं.” हालांकि, इस बातचीत के दौरान ट्रंप ने अपने आरोप के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया और न ही ज्यादा जानकारी साझा की.
तेल और ईंधन की कीमतों के साथ रूसी रिफाइनरियों पर हमलों के असर की बात करते हुए भी ट्रंप ने ईरान का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “पेट्रोल की कीमतें बहुत तेजी से नीचे आ रही हैं. जब युद्ध खत्म होगा, तो ये कीमतें बहुत तेजी से गिरेंगी और युद्ध बहुत जल्द खत्म होने वाला है.”
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एवाई/पीएम
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