ब्रिक्स सम्मेलन में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव दुनिया के कल्याण में योगदान देगाः गजेंद्र शेखावत

New Delhi, 13 सितंबर . रामलीला मैदान में आयोजित होने जा रहे राम कथा के भूमि पूजन में Sunday को Union Minister गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने से बातचीत करते हुए ब्रिक्स में पारित हुए प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया दी.

Union Minister गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “सनातन संस्कारम के तहत इस साल भी ‘श्री राम कथा’ का आयोजन किया जा रहा है, ताकि लोगों को सनातन संस्कृति की विशालता और गहराई से जोड़ा जा सके. यह भव्य और दिव्य आयोजन और इसके जरिए बनने वाला सांस्कृतिक माहौल, निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी और मौजूदा पीढ़ी को India की सनातन सभ्यता, संस्कृति और विचारों से जोड़ने के संकल्प को पूरा करेगा.”

ब्रिक्स सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा और आतंकवाद के खिलाफ जारी प्रस्ताव पर Union Minister गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “India के लिए जी-20 के बाद ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालना और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करना बहुत महत्वपूर्ण है. India ने आतंकवाद, आतंकी घटनाओं, अवैध हथियारों और नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ वैश्विक मंचों पर हमेशा मजबूती से अपना पक्ष रखा है. India की अध्यक्षता और नेतृत्व में इस ब्रिक्स बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव दुनिया के कल्याण में योगदान देगा. भू-Political उथल-पुथल और तनाव के समय में ब्रिक्स जैसे मंच बातचीत का रास्ता बनाते हैं और चर्चा के लिए दरवाजे खोलते हैं. संस्कृति और पर्यटन दो ऐसे महत्वपूर्ण तरीके हैं, जिनसे देश अपने संबंधों में उथल-पुथल, तनाव और मतभेदों को दूर कर सकते हैं. सभ्यता और संस्कृति देशों को एक साथ लाने का रास्ता बनाते हैं.”

गौरतलब है कि Prime Minister Narendra Modi ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली घोषणा को अपनाने का प्रस्ताव रखा, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की गई. घोषणा में आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आह्वान किया गया.

घोषणा में कहा गया कि किसी भी उद्देश्य, कहीं भी और किसी के द्वारा किए गए आतंकवादी कृत्य आपराधिक और अनुचित हैं तथा उनकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए. घोषणा पत्र में आतंकवाद के सभी रूपों से मुकाबला करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई. इसमें आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया गया.

ब्रिक्स देशों ने कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. साथ ही, आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों और उन्हें समर्थन देने वालों को जवाबदेह ठहराने तथा संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत न्याय के कटघरे में लाने की बात कही गई.

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