
New Delhi, 4 सितंबर . रूस के मुख्य न्यायाधीश इगोर क्रास्नोव Friday को ब्रिक्स मुख्य न्यायाधीश फोरम में हिस्सा लेने के लिए New Delhi पहुंचे. दिल्ली पहुंचने पर India में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव और अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया.
India में रूसी दूतावास ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि इगोर क्रास्नोव अपनी यात्रा के दौरान ब्रिक्स सदस्य देशों के न्यायिक प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे. इन बैठकों का उद्देश्य कानूनी सहयोग को और मजबूत करना है. फोरम का प्रमुख विषय न्याय व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग पर चर्चा रहेगा.
इस बीच, ईरान के न्यायपालिका प्रमुख आयतुल्ला गुलाम-हुसैन मोहसनी-एजेई भी फोरम में भाग लेने के लिए New Delhi पहुंचे. उन्होंने Friday को जामा मस्जिद में नमाज अदा की और मस्जिद के इमाम मौलाना सैयद शाबान बुखारी से मुलाकात की. अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने New Delhi स्थित ईरानी दूतावास में विभिन्न धर्मों के इस्लामी विद्वानों और धार्मिक नेताओं के साथ भी संवाद किया.
India का सर्वोच्च न्यायालय 4 से 6 सितंबर तक New Delhi में ब्रिक्स मुख्य न्यायाधीश फोरम की मेजबानी कर रहा है. इस फोरम में ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालयों के अध्यक्ष और वरिष्ठ न्यायिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं.
फोरम के दौरान न्यायिक प्रतिनिधिमंडल न्याय वितरण, अंतरराष्ट्रीय विवाद समाधान, प्रौद्योगिकी और सतत विकास से जुड़े समकालीन मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे.
India के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत Friday को रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, बेलारूस, कजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, ईरान और उज्बेकिस्तान के न्यायिक प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे.
Supreme Court के अनुसार, ये बैठकें न्यायपालिका से जुड़े पारस्परिक हितों के मुद्दों पर सीधे संवाद और विचारों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करेंगी तथा सहभागी देशों के बीच न्यायिक सहयोग को और मजबूत करेंगी.
फोरम के दूसरे दिन ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख न्यायिक संस्थानों से जुड़े साझा हितों के विषयों पर अपने विचार रखेंगे.
Supreme Court के बयान के मुताबिक, फोरम के मुख्य सत्र चार महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित होंगे- अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों के समाधान में मध्यस्थता की भूमिका, सीमा पार मध्यस्थता पुरस्कारों के क्रियान्वयन की चुनौतियां, न्यायपालिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल नवाचार का उपयोग, तथा सतत विकास और पर्यावरणीय शासन में न्यायपालिका की भूमिका.
India की ब्रिक्स अध्यक्षता इस वर्ष ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ विषय पर आधारित है, जो Prime Minister Narendra Modi द्वारा 2025 रियो शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत ‘जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम’ दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है.
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डीएससी
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