ब्रिक्स को वैश्विक विकास का मजबूत इंजन बनाने के पीएम मोदी के विजन का एसोचैम ने किया स्वागत

New Delhi, 11 सितंबर . उद्योग मंडल एसोचैम ने Friday को Prime Minister Narendra Modi के उस विजन की सराहना की, जिसमें उन्होंने ब्रिक्स को वैश्विक सहयोग का अधिक प्रभावशाली मंच और ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बनाने पर जोर दिया.

एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा ने कहा कि Prime Minister मोदी का लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास पर आधारित दृष्टिकोण ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देगा और बदलती वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में समूह की भूमिका को और मजबूत बनाएगा.

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सहयोग को ठोस कारोबारी परिणामों में बदलने का Prime Minister का विजन बेहद महत्वपूर्ण है. सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और उद्योग जगत की साझेदारी को बढ़ावा देकर समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं.

एसोचैम ने ब्रिक्स देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को अधिक मजबूत बनाने, व्यापारिक बाधाओं को कम करने और कारोबार, स्टार्टअप तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए नए अवसर सृजित करने पर Prime Minister के जोर का भी स्वागत किया.

निर्मल मिंडा ने कहा कि नवाचार, डिजिटल समाधान, बुनियादी ढांचे, रणनीतिक प्रौद्योगिकियों और ‘ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड’ जैसी पहलों से सदस्य देशों के बीच सहयोग और मजबूत होगा तथा भारतीय उद्यमों को वैश्विक स्तर पर विस्तार करने में मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा कि एसोचैम Prime Minister की उस अपील का भी स्वागत करता है, जिसमें हर वर्ष मापनीय परिणाम सुनिश्चित करने की बात कही गई है. इसमें शीर्ष 10 व्यापारिक बाधाओं को हटाने के लिए रोडमैप तैयार करना, ब्रिक्स स्टार्टअप्स को सदस्य देशों के बाजारों में विस्तार देने में सहयोग करना और 1,000 नई व्यावसायिक साझेदारियां स्थापित करना शामिल है.

एसोचैम अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे ठोस लक्ष्य ब्रिक्स सहयोग को मजबूत कारोबारी आयाम देंगे और समूह की आर्थिक क्षमता को उद्योगों, निवेशकों और उद्यमियों के लिए वास्तविक अवसरों में बदलने में मदद करेंगे.

उन्होंने कहा कि एसोचैम परिणामोन्मुखी ब्रिक्स एजेंडा के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध है, जो मजबूत सप्लाई चेन, समावेशी विकास, सतत प्रगति और बिजनेस-टू-बिजनेस सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ अधिक संतुलित और प्रतिनिधित्वपूर्ण वैश्विक आर्थिक व्यवस्था को आगे बढ़ाएगा.

डीएससी