ब्रिक्स की सफलता पर कांग्रेस ‘नाराज फूफा’ की तरह बर्ताव कर रही है: सुधांशु त्रिवेदी

New Delhi, 14 सितंबर . BJP MP सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे ‘नाराज फूफा’ करार दिया. ब्रिक्स की सफलता के बाद कांग्रेस ने कूटनीतिक, रणनीतिक या आर्थिक पहलुओं पर टिप्पणी करने के बजाय खाने को लेकर टिप्पणी करना चुना. जैसे कि शादी में कितनी भी बढ़िया व्यवस्था की जाए, फूफा को किसी न किसी में कमी निकालनी ही होती है. कांग्रेस भी नाराज फूफा की तरह बर्ताव कर रही है.

BJP MP ने ब्रिक्स का जिक्र करते हुए कहा कि India के लिए इतनी बड़ी कूटनीतिक कामयाबी के बावजूद कांग्रेस पार्टी का सिर्फ डिनर मेन्यू पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला न सिर्फ अफसोसजनक है. इतने अहम इंटरनेशनल फोरम के कूटनीतिक, रणनीतिक या आर्थिक पहलुओं पर टिप्पणी करने के बजाय उन्होंने खाने पर टिप्पणी करना चुना. यह साफ तौर पर ब्रिक्स समिट के बारे में कोई ठोस आलोचना या टिप्पणी करने में उनकी अक्षमता को दिखाता है. इसलिए मैं कहूंगा कि कांग्रेस की यह टिप्पणी, भले ही समिट की कामयाबी से उपजी निराशा का नतीजा हो, असल में उनकी अपनी नाकामी को ही जाहिर करती है.

उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए ब्रिक्स सम्मेलन ने एक शानदार उदाहरण पेश किया कि कैसे Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में भारत, बदलती वैश्विक व्यवस्था के बीच दुनिया के मंच पर एक सकारात्मक और प्रभावशाली ताकत के रूप में उभर रहा है. सऊदी अरब और ईरान जैसे देश, जिनके बीच लंबे समय से आपसी मतभेद रहे हैं, वे भी इस सम्मेलन में मौजूद थे और ‘दिल्ली घोषणापत्र’ को आम सहमति से अपनाया गया. इस घोषणापत्र में आतंकवाद के मुद्दे पर साफ तौर पर बात की गई. इस बात पर जोर दिया गया कि आतंकवाद को किसी धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और खास तौर पर पहलगाम का जिक्र किया गया और यह सब चीन के समर्थन और सहमति से हुआ. मेरा मानना ​​है कि यह कूटनीतिक कौशल का एक शानदार उदाहरण है, एक ऐसी उपलब्धि जिस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए.

पूर्व सीएम हरीश रावत के ओएसडी का जिक्र करते हुए BJP MP ने राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी छात्रों के हितों की बात करने का दिखावा कर रहे हैं. मेरा मानना ​​है कि अब जब सच्चाई सामने आ गई है, तो उनका यह दिखावा पूरी तरह से बेनकाब हो गया है. कुछ दिन पहले ही हमने Jharkhand में देखा कि राज्य Government द्वारा भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आया था. अब उत्तराखंड में, ईडी की छापेमारी के दौरान पूर्व Chief Minister हरीश रावत के ओएसडी के यहां से जो पैसे और संपत्ति बरामद हुई, वह तो एक मुद्दा है ही, लेकिन गंभीर बात यह है कि ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि विलेज पंचायत डेवलपमेंट ऑफिसर की भर्ती प्रक्रिया के दौरान ओएमआर शीट को सुरक्षित कस्टडी से निकाला गया और रिश्वत लेकर खाली ओएमआर शीट को भरकर भर्ती प्रक्रिया में घोटाला किया गया. इससे पूर्व में भी अनेक प्रकार के भर्ती में घोटाले की बात सामने आए.

कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली के यहां हुई छापेमारी का जिक्र करते हुए BJP MP ने कहा कि सिर्फ भारी मात्रा में संपत्ति का पता ही नहीं चला है, बल्कि ऐसी जानकारी भी सामने आई है कि उन्होंने विदेश में कई जगहों पर सोने की खदानें हासिल की थीं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांगो और जाम्बिया जैसी जगहों पर माइनिंग में निवेश के सबूत मिले हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में भ्रष्टाचार का दायरा वैश्विक स्तर तक फैल गया है. राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और देश-विदेश का दौरा करते हैं और उनके नेता निवेश करने के लिए विदेश जाते हैं. मुझे लगता है कि कर्नाटक की जनता कांग्रेस की भ्रष्टाचार को देख रही है, आने वाले समय में जनता करारा जवाब देगी.

डीकेएम/