बैलेट पेपर से चुनाव में कांग्रेस की हार पर भाजपा का तंज, एमवीए ने बताया अपना प्रदर्शन बेहतर

New Delhi, 29 अक्टूबर . देश के चार राज्यों में विधान परिषद (एमएलसी) की 28 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी दलों के बीच Political बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की हार को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के प्रदर्शन को बेहतर बताते हुए महायुति पर निशाना साधा है. वहीं, नसीरुद्दीन शाह को लेकर भाजपा विधायक राम कदम के बयान ने भी Political बहस को हवा दी है.

Mumbai में भाजपा विधायक राम कदम ने Actor नसीरुद्दीन शाह की कला का सम्मान करने की बात कही, लेकिन उनके पुराने बयानों को लेकर सवाल भी उठाए. राम कदम ने कहा कि नसीरुद्दीन शाह एक प्रतिभाशाली कलाकार हैं और उनकी कला का पूरा सम्मान किया जाता है. उन्होंने 2015 में एक किताब के विमोचन के दौरान Pakistan की तारीफ किए जाने का मुद्दा उठाया.

राम कदम ने आरोप लगाया कि नसीरुद्दीन शाह मुगल आक्रांताओं का समर्थन करते हैं, जिन्होंने India में आकर लोगों पर अत्याचार किए और मंदिरों को नष्ट किया. उन्होंने कहा कि India में रहकर, यहीं से आजीविका कमाने और सम्मान पाने के बावजूद Pakistan की तारीफ करना सवाल खड़े करता है. उनके मुताबिक, यह केवल वैचारिक मतभेद का मामला नहीं, बल्कि Pakistan समर्थक मानसिकता का विषय है.

एमएलसी चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए राम कदम ने कहा कि चार बड़े राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए चुनाव हुए, लेकिन बैलेट पेपर से मतदान होने के बावजूद कांग्रेस केवल एक सीट जीत सकी. उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि ईवीएम और चुनाव आयोग को अपनी हार का जिम्मेदार ठहराने के बजाय पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए.

राम कदम ने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए, क्योंकि उत्तर प्रदेश और बिहार में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की हार के पीछे ईवीएम या चुनाव आयोग नहीं, बल्कि पार्टी के अपने काम और Political रणनीति जिम्मेदार हैं.

BJP MP योगेंद्र चंदोलिया ने वाराणसी एमएलसी चुनाव के नतीजों पर Samajwadi Party के प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत और हार सिक्के के दो पहलू हैं. इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे बड़े नेता भी चुनाव हार चुके हैं.

चंदोलिया ने कहा कि वाराणसी के नतीजों को पूरे देश के जनादेश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. विधान परिषद की 28 सीटों के चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. देश के अधिकांश मतदाता Prime Minister Narendra Modi के साथ खड़े हैं.

Prime Minister Narendra Modi के social media पोस्ट और एमएलसी चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए चंदोलिया ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करती रही है. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस Government के कार्यकाल के दौरान ही ईवीएम का इस्तेमाल शुरू हुआ था.

चंदोलिया ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी बड़ी मुश्किल से एक सीट जीतकर अपना खाता खोल पाई. उन्होंने आशंका जताई कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनावी नतीजों को लेकर फिर सवाल उठा सकते हैं. ईवीएम, एसआईआर या बैलेट पेपर किसी भी मुद्दे को उठाने से कांग्रेस के पक्ष में चुनावी नतीजे आने की गारंटी नहीं है.

दूसरी ओर, एनसीपी-एसपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने चुनावी नतीजों को अपनी पार्टी के लिए अच्छा बताया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) ने दो सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस को एक सीट मिली है. महा विकास अघाड़ी ने पांच में से तीन सीटों पर जीत हासिल की, जबकि महायुति को केवल दो सीटें मिलीं.

क्रास्टो ने भाजपा नेताओं के पहले दिए गए बयानों पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी नेता कांग्रेस के लिए ‘जीरो’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे थे. Maharashtra के उपChief Minister देवेंद्र फडणवीस ने भी जीरो लिखकर पोस्ट किया था, लेकिन नागपुर के नतीजों के बाद उन्हें पोस्ट हटाना पड़ा.

–