
New Delhi, 1 अक्टूबर . बैंक कर्मचारियों की हर Saturday छुट्टी की social media पर तेजी से वायरल हो रही रिपोर्ट को Government ने Thursday को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि वित्त मंत्रालय की ओर से ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत आने वाले पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “social media पर वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवा विभाग) का बताया जा रहा एक राजपत्र वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि केंद्र Government ने एसबीआई समेत सभी पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए हर Saturday को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है.”
पोस्ट में आगे बताया गया,”जो दस्तावेज वायरल हो रहा है वह फर्जी है. वित्त मंत्रालय ने ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की है, जिसमें सरकारी बैंकों के लिए हर Saturday को अवकाश घोषित किया गया हो.”
social media पर “India का राजपत्र” नाम से एक दस्तावेज वायरल हो रहा था, जिसमें लिखा हुआ था कि विनिमय लेख अधिनियम, 1881 (1881 का 26) की धारा 25 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, India Government, लोकहित में, सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (जिसमें भारतीय स्टेट बैंक भी शामिल है) की सभी शाखाओं में, प्रत्येक Saturday को साप्ताहिक अवकाश के रूप में घोषित करती है. साथ ही कहा कि यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू होगी.
इससे पहले सरकारी बैंक कर्मचारियों ने सप्ताह में 5 दिन कार्यदिवस को लेकर 28-30 सितंबर तक की हड़ताल का ऐलान किया था.
हालांकि, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बीच Sunday रात हुई बैठक में विभिन्न लंबित मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद आंदोलन और हड़ताल के कार्यक्रम को स्थगित करने पर सहमति बनी.
यूएफबीयू के मुताबिक, Sunday रात करीब 9:30 बजे आईबीए और यूएफबीयू के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई. विस्तृत चर्चा के बाद शेष Saturday को बैंक अवकाश घोषित करने सहित विभिन्न मुद्दों पर आगे बातचीत और समाधान की प्रक्रिया जारी रखने का फैसला किया गया. इसके बाद यूएफबीयू ने अपने प्रस्तावित आंदोलनात्मक कार्यक्रमों और हड़ताल को टालने पर सहमति जताई.
बैठक में तय किया गया कि बैंकों में शेष Saturday को भी अवकाश घोषित करने के मुद्दे पर विचार के लिए आईबीए और यूएफबीयू की एक उच्चस्तरीय समिति तत्काल गठित की जाएगी. यह समिति पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह से जुड़े सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी. इसके साथ ही विभिन्न हितधारकों से चर्चा कर ऐसा समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, जो कर्मचारियों और अन्य पक्षों के साथ-साथ बैंक ग्राहकों के लिए भी स्वीकार्य हो.
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एबीएस
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