बैंक ऑफ बड़ौदा से 255 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में ईडी की छापेमारी, मुंबई-दिल्ली के 11 ठिकानों पर कार्रवाई

Mumbai , 14 सितंबर . Enforcement Directorate (ईडी) ने बैंक ऑफ बड़ौदा से कथित तौर पर 255.74 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में अलफारा इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (एआईपीएल) तथा उसके निदेशकों और करीबी सहयोगियों से जुड़े Mumbai और दिल्ली के 11 ठिकानों पर छापेमारी की है.

ईडी की Mumbai जोनल कार्यालय-1 ने 10 सितंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह कार्रवाई की. जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की आर्थिक अपराध शाखा, चेन्नई द्वारा दर्ज First Information Report के आधार पर शुरू की गई थी. यह First Information Report बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर दर्ज की गई थी.

ईडी के अनुसार, सिविल निर्माण क्षेत्र की कंपनी एआईपीएल ने वर्ष 2012 में बैंक ऑफ बड़ौदा से 103 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा ली थी, जिसे 2015 में बढ़ाकर 360.50 करोड़ रुपये कर दिया गया. बाद में 18 जून 2018 को कंपनी का खाता एनपीए घोषित कर दिया गया, उस समय बैंक का बकाया 255.74 करोड़ रुपये था.

जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि करीब 75.02 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) डिवॉल्व हुए और लगभग 164.59 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी (बीजी) इनवोक की गई, जिससे अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) उत्पन्न हुई. इस राशि का बड़ा हिस्सा विभिन्न लाभार्थी और बिचौलिया कंपनियों के माध्यम से कई स्तरों पर घुमाकर दोबारा एआईपीएल और उसकी समूह कंपनियों तक पहुंचाया गया, ताकि धन के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके.

ईडी ने यह भी पाया कि कंपनी ने ग्लेज्ड टाइल्स के निर्यात के नाम पर विदेशी बैंक गारंटी खुलवाई, जबकि वास्तविक निर्यात नहीं किया गया. इसके जरिए धन सिंगापुर और हांगकांग स्थित विदेशी कंपनियों को भेजा गया. बाद में इन एलसी और बीजी का भुगतान नहीं होने से बैंक को भारी नुकसान हुआ और धन की हेराफेरी की गई.

छापेमारी के दौरान ईडी ने 18 लाख रुपये नकद, 9,567 अमेरिकी डॉलर और 860 क्वाचा विदेशी मुद्रा जब्त की. इसके अलावा करीब 1.02 करोड़ रुपये की एफडी, लगभग 1.75 करोड़ जापानी येन और 1,03,145 अमेरिकी डॉलर की जमा राशि फ्रीज की गई.

ईडी ने तलाशी के दौरान बैंक लेनदेन, लेटर ऑफ क्रेडिट, बैंक गारंटी और आरोपियों से जुड़ी अचल संपत्तियों से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं. एजेंसी का कहना है कि इन दस्तावेजों से धन शोधन के नेटवर्क और अपराध से अर्जित आय के वित्तीय प्रवाह की पुष्टि होने की उम्मीद है. ईडी ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है.

डीएससी