बेटियों के सपनों को पंख दे रही डबल इंजन सरकार : मुख्यमंत्री योगी

Lucknow 28,अगस्त . उत्तर प्रदेश Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रक्षाबंधन केवल रक्षा सूत्र बांधने का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास, सम्मान, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है. यह पर्व परिवार और समाज के रिश्तों को मजबूत करने के साथ स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्पियों के आर्थिक स्वावलंबन से भी जुड़ा है. आज बेटियों ने जो राखियां मुझे बांधीं, उनमें से बहुत उन्होंने अपने हाथों से बनाई. प्रदेश में करीब 15 करोड़ राखियां बंध रही हैं. इनमें से प्रत्येक राखी के पीछे किसी कारीगर, हस्तशिल्पी, दुकानदार व बाजार की आर्थिक गतिविधि जुड़ी हुई है. राखी खरीदने पर पैसा कारीगर तक पहुंचता है और फिर बाजार में लौटकर विकास को गति देता है.

Chief Minister Friday को ‘बिटिया और बहना-यूपी का गहना’ स्नेहबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि श्रद्धा और सम्मान से विश्वास पैदा होता है, विश्वास आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है और आत्मनिर्भर समाज ही विकास को तेज गति देता है. इसी सोच के साथ प्रदेश में मिशन शक्ति का संचालन बेटी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए किया जा रहा है. आज बेटियां भयमुक्त होकर स्कूल जा रही हैं और शिक्षा से लेकर रोजगार तक हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं.

सीएम योगी ने अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों का अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक दौरे के दौरान उन्होंने गरीब परिवार की कुछ बच्चियों को नंगे पैर और बिना यूनिफॉर्म स्कूल जाते देखा था, वहीं उनके भाइयों के पास जूते और यूनिफॉर्म थी. इस अनुभव के बाद उन्होंने बेटियों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और सर्दियों में स्वेटर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया. बाद में यह सुविधा सभी जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाई गई. आज प्रदेश में करीब 1.60 करोड़ बच्चों को हर वर्ष दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पहले आठवीं के बाद बड़ी संख्या में बेटियों की पढ़ाई छूट जाती थी. Government ने इन विद्यालयों को 12वीं तक विस्तार देने का निर्णय लिया है और प्रदेश के सभी 825 विकासखंडों में विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है. अटल आवासीय विद्यालयों में भी बेटियों की संख्या बढ़ाई गई है. Lucknow स्थित परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पांडे के नाम पर संचालित देश के पहले सैनिक स्कूल में वर्ष 2018 में बेटियों को प्रवेश देने की शुरुआत की गई. आज देश के सभी सैनिक स्कूलों में बेटियों के लिए प्रवेश का रास्ता खुल चुका है. Government का लक्ष्य बेटियों को ऐसा वातावरण देना है, जिसमें वे अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें.

Chief Minister ने कहा कि लंबे समय तक राज्य में महिलाओं की रोजगार में भागीदारी बेहद कम रही. आजादी के बाद करीब 75 वर्षों तक केवल 12 प्रतिशत महिलाएं नौकरी या रोजगार से जुड़ी थीं, लेकिन अब यह आंकड़ा 36 प्रतिशत से अधिक हो चुका है. कामकाजी महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए बड़े शहरों में निशुल्क छात्रावासों के निर्माण की पहल भी आगे बढ़ाई जा रही है. आज बेटियां नाइट शिफ्ट में काम करने को लेकर भी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं. यह बदलते उत्तर प्रदेश और महिला सशक्तीकरण की बड़ी तस्वीर है.

सीएम योगी ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर 27, 28 और 29 अगस्त को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम और नगरीय बस सेवाओं में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है. कोई भी बेटी, बहन या माता अपने साथ एक सहयात्री के साथ इन तीन दिनों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकती है. इसके बाद 60 वर्ष से अधिक उम्र की हर माता को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा भी लागू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि अब जीवन का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां बेटियां आगे न बढ़ रही हों.

Prime Minister मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल कानून का पालन करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे कानून बनाने वाली संस्थाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी पहले से है और आगे विधानसभा व Lok Sabha में भी उनकी भूमिका बढ़ने की उम्मीद है.

Chief Minister ने रक्षाबंधन पर प्रदेश की सभी बेटियों, बहनों और माताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन Government पूरी मजबूती के साथ बेटियों के साथ खड़ी है. उन्होंने बेटियों से मेहनत और परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने तथा प्रदेश और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया.

विकेटी/एसके