
Bengaluru, 23 अक्टूबर . Bengaluru आईईडी विस्फोट मामले में Police ने Friday को बताया कि पुलकेशीनगर Police फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. साथ ही, Bengaluru में निर्माणाधीन एक घर में हुए संदिग्ध इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है. Police ने अब तक 100 से ज्यादा cctv कैमरों की फुटेज की जांच की है और इस घटना की छानबीन के लिए पांच विशेष टीमें बनाई हैं.
जांच मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि आरोपियों को विस्फोटक सामग्री कहां से मिली और वह पार्सल किसने पहुंचाया, जिसकी वजह से धमाका हुआ. Police उस व्यक्ति का भी पता लगा रही है जिसने पार्सल पहुंचाया था. उन्हें शक है कि आरोपियों के किसी साथी ने ही इसे घटनास्थल तक पहुंचाया होगा.
Police ने दो घायलों के बयान दर्ज कर लिए हैं और उनसे मिली जानकारी के आधार पर आगे की जांच कर रही है. हालांकि, घायलों में से एक, अलाउद्दीन के बयानों में विरोधाभास है, जिससे जांच टीम की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
अस्पताल से छुट्टी पा चुके अलाउद्दीन इस घटना से काफी सदमे में बताए जा रहे हैं. पूछताछ के दौरान, उन्होंने Police को बताया कि एक व्यक्ति ने उन्हें पार्सल दिया था. साथ ही, उनका यह भी कहना है कि पार्सल निर्माणाधीन इमारत के पास रखा हुआ था, जहां से उन्होंने उसे उठाया था. Police घटनाओं के क्रम को समझने और उनके दावों की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है.
दूसरे घायल व्यक्ति, सूरज की हालत अभी ऐसी नहीं है कि वह Police को बयान दे सकें. उनकी हालत में सुधार होने पर जांचकर्ता उनका बयान दर्ज करेंगे.
इस बीच, जिस घर में धमाका हुआ, उसके मालिक रहमान ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है और कहा है कि उन्हें इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने किसी पुरानी निजी दुश्मनी के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी है, जिसके कारण यह धमाका हो सकता था.
ईस्ट डिवीजन के Police उपायुक्त (डीसीपी) इस जांच की निगरानी कर रहे हैं. Police उपलब्ध सबूतों, cctv फुटेज और बयानों की जांच कर रही है, ताकि घटना के पीछे के लोगों की पहचान की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई और कैसे पहुंचाई गई.
Bengaluru के पुलीकेशीनगर में एक निर्माणाधीन इमारत में हुए संदिग्ध आईईडी धमाके की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी अपने हाथ में ले सकती है. शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि धमाके के लिए आईईडी का इस्तेमाल किया गया था.
एनआईए ने Bengaluru Police से इस घटना के बारे में रिपोर्ट मांगी है और स्थानीय Police तथा ‘सीन ऑफ क्राइम ऑफिसर्स’ टीम से भी रिपोर्ट प्राप्त कर ली है. अगर आगे और जांच की जरूरत पड़ी, तो एजेंसी घटनास्थल का मुआयना भी कर सकती है. फिलहाल, स्थानीय Police और आतंकवाद-रोधी दस्ते की टीमें इस घटना की जांच कर रही हैं. अधिकारी इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि विस्फोटक उपकरण किन परिस्थितियों में इमारत के अंदर लाया गया और इसके पीछे कौन व्यक्ति है.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, आईईडी को एक डिब्बे में छिपाकर रखा गया था, जिसे निर्माणाधीन इमारत में एक पार्सल के तौर पर पहुंचाया गया था. बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने सुरक्षा कर्मचारियों को फोन करके डिब्बा लेने और उसे इमारत के अंदर रखने के लिए कहा. फोन करने वाले ने दावा किया था कि पार्सल में एक टॉर्च है.
निर्देशों का पालन करते हुए, सुरक्षा गार्ड ने डिब्बा लिया और उसे इमारत के अंदर रख दिया. बाद में जब डिब्बा खोला गया और उसकी बैटरी चालू की गई, तो विस्फोट हो गया. इस धमाके में वहां मौजूद एक पेंटर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए. बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति की उंगली कट गई, जबकि दूसरे को मामूली चोटें आईं.
जांच अधिकारी अब उस अज्ञात फोन कॉल का पता लगाने और उस व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसने सुरक्षा गार्ड को पार्सल लेने के लिए कहा था. Police यह भी जांच कर रही है कि डिब्बा वहां कैसे पहुंचाया गया और क्या इस जगह पर विस्फोटक उपकरण रखने में कोई और भी शामिल था.
आईईडी के इस्तेमाल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह घटना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है या इसके पीछे कोई निजी दुश्मनी है. इस बात की भी जांच की जा रही है कि कहीं कोई निजी विवाद तो इस विस्फोट के पीछे नहीं है.
इस घटना ने विशेष रूप से ध्यान खींचा है क्योंकि Bengaluru को ‘India की सिलिकॉन वैली’ के रूप में जाना जाता है. यहां कई रक्षा प्रतिष्ठान, वैज्ञानिक संस्थान, अनुसंधान केंद्र और विनिर्माण इकाइयां मौजूद हैं.
सुरक्षा एजेंसियां इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इसमें शामिल व्यक्ति या व्यक्तियों को बैटरी का इस्तेमाल करके आईईडी बनाने की तकनीकी जानकारी कैसे मिली. जांचकर्ता अब उपकरण के डिजाइन, उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री और विस्फोट करने के तरीके की जांच करेंगे, ताकि घटना के पीछे का मकसद पता चल सके और यह तय किया जा सके कि इसके सुरक्षा पर क्या व्यापक प्रभाव पड़ सकते हैं.
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने Wednesday को लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की. उन्होंने कहा कि घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए अधिकारियों को लैब की रिपोर्ट का इंतजार करना होगा.
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डीकेएम/एएस
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