बीकेसी घुसपैठ केस : कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 11 सितंबर तक क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेजा

Mumbai , 8 सितंबर . बीकेसी के जियो वर्ल्ड प्लाजा में फर्जी पीएमओ आईडी लेकर घुसने के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. Mumbai क्राइम ब्रांच ने कोर्ट से आरोपियों की 4 दिन की कस्टडी की मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 11 सितंबर तक क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेज दिया है.

इससे पहले Mumbai क्राइम ब्रांच की सीआईयू यूनिट दोनों आरोपियों को लेकर कोर्ट पहुंची थी. मुख्य आरोपी की पहचान रोहन पारेख के रूप में हुई है, जो Mumbai के खार इलाके का रहने वाला है. उसके पिता का नाम प्रेमल पारिख बताया जा रहा है, जिनका बड़ा बिजनेस है. सुनवाई के दौरान आरोपी का पूरा परिवार कोर्ट में मौजूद रहा.

दूसरे आरोपी की पहचान बॉडीगार्ड दिलीप कुंदे के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 45 साल है. Police की शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी Monday रात ही वेन्यू में पहुंच गया था. वह खुद को पीएमओ का अधिकारी बता रहा था और उसके पास फर्जी आईडी कार्ड भी मिला था.

सीआईयू यूनिट अभी भी इस बात की जांच कर रही है कि आखिर आरोपी ने पीएमओ का फर्जी कार्ड क्यों बनाया था और उसका मकसद क्या था. Police यह भी पता लगा रही है कि वह किस इरादे से हाई सिक्योरिटी वाले जियो वर्ल्ड प्लाजा में घुसा था.

इस मामले पर Mumbai Police ने आधिकारिक बयान जारी किया है. Police ने बताया, “तीन लोगों ने कथित तौर पर एक संदिग्ध सरकारी आईडी कार्ड का इस्तेमाल किया और हथियार लेकर मॉल की सिक्योरिटी को पार करते हुए बीकेसी के जियो वर्ल्ड प्लाजा में जबरदस्ती घुस गए. बीकेसी Police स्टेशन में कई बीएनएस धाराओं के तहत First Information Report दर्ज की गई है, जिसमें सरकारी कर्मचारी होने का नाटक करना और हथियार के साथ गैर-कानूनी तरीके से घुसना शामिल है.”

Police ने बताया कि आरोपियों के पास मिला हथियार लाइसेंसी पाया गया है और इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं Police ने यह भी साफ किया है कि कृपया ध्यान दें कि यह घटना एक दिन पहले हुई थी और इसका आज Mumbai में Prime Minister के दौरे से कोई संबंध नहीं है.

एससीएच/एबीएम