बिहार : 1.04 लाख रुपए रिश्वत लेते पूर्णिया के कार्यपालक अभियंता गिरफ्तार, आवास से 8.36 लाख नकद बरामद

Patna, 3 सितंबर . बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने Thursday को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बीएसईआईडीसीएल), पूर्णिया के कार्यपालक अभियंता द्विजेन्द्र कुमार मिश्र को 1.04 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया.

आरोपी को Patna के बेली रोड स्थित नेहरू पथ पर Patna जू के पास गोल्फ क्लब के गेट के बगल से गिरफ्तार किया गया.

निगरानी ब्यूरो के मुताबिक, Patna निवासी राम सागर शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने बीएसईआईडीसीएल के तहत कटिहार जिले के एक सरकारी विद्यालय में निर्माण संबंधी कार्य कराया था. इस कार्य के प्रथम भुगतान के रूप में 1,54,19,329 रुपये उनके खाते में आए थे.

आरोप है कि इसी भुगतान की राशि का दो प्रतिशत कमीशन मांगते हुए कार्यपालक अभियंता ने उनसे तीन लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी. शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने उसका सत्यापन कराया. सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा 1.04 लाख रुपये रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई. इसके बाद निगरानी थाना में कांड संख्या 104/26 दर्ज किया गया.

Police निरीक्षक अणु प्रिया के अनुरोध पर Police उपाधीक्षक विकाश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में धावादल का गठन किया गया. टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत की रकम लेते गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तारी के बाद आरोपी के रूपसपुर स्थित लखन इन्क्लेभ आवास की तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान 8.36 लाख रुपए नकद बरामद किए गए. इसके अलावा रूपसपुर स्थित एक फ्लैट तथा करीब एक करोड़ रुपये के पारिवारिक निवेश से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं. एक हुंडई आई-20 कार, दो बैंक लॉकर के कागजात और सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं. आभूषणों का अधिकृत मूल्यांकनकर्ता से मूल्यांकन कराया जा रहा है.

ब्यूरो ने बताया कि आगे की तलाशी और अनुसंधान जारी है. निगरानी ब्यूरो के अनुसार, द्विजेन्द्र कुमार मिश्र वर्ष 2021 में जल संसाधन विभाग से कार्यपालक अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. वर्ष 2023 से वे आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से शिक्षा विभाग में टेक्नो फैसिलिटी एंड मैनेजमेंट सर्विसेज के तहत बीएसईआईडीसीएल, पूर्णिया में कार्यपालक अभियंता के पद पर सेवा दे रहे थे.

पूछताछ के बाद आरोपी को निगरानी के विशेष न्यायालय, Patna में पेश किया जाएगा. ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 104वां प्राथमिकी मामला है. इनमें 96 ट्रैप मामले हैं और अब तक 96 आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है. इन मामलों में 36.13 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत बरामद हुई है. इसके अलावा 37 हजार रुपये कीमत की नई वाशिंग मशीन भी जब्त की गई है.

ब्यूरो ने बताया कि वर्ष 2025 में 101 ट्रैप मामले दर्ज हुए थे और 37.80 लाख रुपए रिश्वत की राशि बरामद की गई थी. वर्ष 2026 में अब तक औसतन 11.8 ट्रैप मामले प्रतिमाह दर्ज हुए हैं, जबकि 2025 में यह औसत 8.4 था. इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में ट्रैप मामलों में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

एमएनपी/एएसएच