
Patna, 28 अगस्त . बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि संगीत विषय में 111 अतिरिक्त शिक्षक भर्ती सीटें बढ़ाई जा रही हैं. इसके साथ ही टीआरई-4 में कुल रिक्तियों की संख्या अब 33,385 हो जाएगी. शिक्षा मंत्री ने कहा कि Government का लक्ष्य युवाओं और छात्रों को बेहतर अवसर देना है और इसी दिशा में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं.
मिथिलेश तिवारी ने बताया कि शिक्षा विभाग ने पहले 32,388 पदों की अधियाचना भेजी थी. इसके बाद विभिन्न भाषा विषयों के अभ्यर्थियों की मांग सामने आई. मैथिली, भोजपुरी, मगही, प्राकृत और पाली जैसे विषयों के छात्रों से बातचीत के बाद विभाग ने आरक्षण रोस्टर को स्पष्ट कराया और 886 पदों की वृद्धि की गई.
अब संगीत विषय के अभ्यर्थियों के लिए भी अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराया गया है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी उनसे मिलने पहुंची थीं. इनमें अररिया, पूर्णिया, गोपालगंज और कैमूर समेत अलग-अलग जिलों की महिलाएं शामिल थीं. इनका कहना था कि वे लंबे समय से टीआरई-4 का इंतजार कर रही हैं और संगीत के क्षेत्र में उन्होंने काम किया है.
तिवारी ने कहा कि इन महिलाओं ने उनसे रक्षाबंधन के मौके पर ‘भाई’ के रूप में तोहफा देने की मांग की थी. इसके बाद उन्होंने संगीत विषय में 111 सीटें बढ़ाने का फैसला किया. अब कुल सीटों की संख्या 33,385 हो गई है.
शिक्षा मंत्री ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के परीक्षा प्रमाणपत्र से ‘फेल’ शब्द हटाने के फैसले को भी महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि किसी बच्चे का किसी परीक्षा में सफल न हो पाना उसके पूरे जीवन की असफलता नहीं है. इसलिए Government अब बच्चों के प्रमाणपत्र पर नकारात्मक शब्द लिखकर उनका मनोबल नहीं गिराना चाहती.
उन्होंने कहा कि कई बच्चे पढ़ाई में कमजोर हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनमें प्रतिभा नहीं है. किसी की रुचि खेल में हो सकती है, किसी की कला में, तो कोई दूसरे कौशल में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है. ऐसे बच्चों को एक मौका देने और उनकी क्षमता को पहचानने की जरूरत है.
शिक्षा मंत्री के मुताबिक, जो विद्यार्थी परीक्षा में पास नहीं कर पाएंगे, उनके प्रमाणपत्र पर ‘फेल’ लिखने के बजाय ‘एलिजिबल फॉर स्किल’ या ‘रिकमेंडेड फॉर स्किल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि Government ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष क्लास चलाने की योजना पर भी काम कर रही है. इसका उद्देश्य उन विषयों में बच्चों को मजबूत करना होगा, जिनमें वे कमजोर हैं.
उन्होंने कहा कि पूरक परीक्षा का फॉर्म भरने वाले विद्यार्थियों के लिए करीब एक महीने की विशेष क्लास चलाई जाएगी. इसके जरिए बच्चों को दोबारा परीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा. साथ ही, वोकेशनल और स्किल आधारित शिक्षा के रास्ते भी खोले जाएंगे.
शिक्षा मंत्री ने बीपीएससी परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि Chief Minister सम्राट चौधरी ने छात्रों के हित में संवेदनशीलता दिखाते हुए फैसला लिया. शिक्षा विभाग के सचिव, विशेष सचिव और Patna के जिलाधिकारी ने छात्रों से लगातार बातचीत की. इसके बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया.
तिवारी ने छात्रों के आंदोलन समाप्त करने के फैसले की सराहना की और Chief Minister की संवेदनशीलता के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने साफ किया कि बीपीएससी परीक्षा सामान्य प्रशासन विभाग और बीपीएससी का आंतरिक मामला है और इसमें शिक्षा विभाग की भूमिका नहीं है.
हालांकि, उन्होंने आंदोलन के दौरान कुछ छात्रों की कथित आपत्तिजनक भाषा पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि छात्र बिहार और देश का भविष्य हैं और उन्हें अपनी बात Government तक सामान्य और लोकतांत्रिक तरीके से पहुंचानी चाहिए. Government संवाद के रास्ते हमेशा खुले रखती है.
उन्होंने कहा कि वह खुद छात्र राजनीति से आए हैं और छात्रों से बातचीत करने में विश्वास रखते हैं. उन्होंने कहा कि अगर छात्र अपनी समस्याएं संवाद के जरिए Government तक पहुंचाएंगे तो Government उनकी मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार करेगी.
शिक्षक भर्ती और परीक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि Government हर साल 20 हजार शिक्षकों की बहाली का लक्ष्य लेकर चल रही है. उन्होंने कहा कि छात्रों में इस बात को लेकर भी अलग-अलग राय थी कि परीक्षा एक हो या दो. उनके मुताबिक, कई मेधावी छात्रों ने फोन कर कहा कि वे चाहते हैं कि एक परीक्षा हो और उसमें नेगेटिव मार्किंग भी रहे.
तिवारी ने कहा कि अब एक परीक्षा अच्छे तरीके से होगी और नेगेटिव मार्किंग भी रहेगी. उन्होंने मेधावी छात्रों से मेहनत करने की अपील करते हुए कहा कि अगर वे मेहनत करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी.
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पीआईएम/पीएम
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