
Patna, 21 अक्टूबर . बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हो रहे चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. Wednesday को चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है. शाम को चुनाव प्रचार थम जाएगा. ऐसे में सभी Political दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. इस बीच, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने सभी आठ सीटों पर भारी मतों से जीत हासिल करने का दावा किया है.
बिहार के उपChief Minister और जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने कहा कि राज्य में एनडीए के पक्ष में माहौल है और गठबंधन सभी सीटों पर जीत दर्ज करेगा. उन्होंने कहा कि उन्होंने भी पूरे प्रदेश का दौरा किया है और चुनावी माहौल का आकलन किया है. विजय कुमार चौधरी ने कहा, “हम लोग भी घूमे हैं. पूरे प्रदेश का जो माहौल है, एनडीए के आठों उम्मीदवार भारी मतों से जीतेंगे.”
उपChief Minister के इस बयान को चुनाव के अंतिम चरण में एनडीए के मजबूत प्रदर्शन को लेकर गठबंधन के भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है. आठ सीटों पर हो रहे इस चुनाव में विभिन्न Political दलों के बीच मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है. प्रचार के अंतिम दिन उम्मीदवार और उनके समर्थक मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने में जुटे हैं.
वहीं, Patna शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी नवल किशोर यादव ने अपने चुनावी अभियान और मतदाताओं को लेकर अलग अंदाज में प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उनकी तैयारी मतदाता और शिक्षक खुद कर रहे हैं. उन्हें अपने मतदाताओं पर पूरा भरोसा है और उन्हें अलग से प्रचार करने की आवश्यकता महसूस नहीं होती. नवल किशोर यादव ने कहा, “मेरी तैयारी मेरे मतदाता करते हैं, मेरे शिक्षक करते हैं. उन्होंने सारा इंतजाम पहले से कर रखा है, मुझे कुछ करने की जरूरत नहीं. मैं क्षेत्र भी नहीं जाता हूं, मैं अपने दफ्तर में बैठता हूं और आप लोगों से मिलता हूं.”
उन्होंने शिक्षक समुदाय को जागरूक और बौद्धिक रूप से सक्षम बताते हुए कहा कि शिक्षक अपने सम्मान, स्वाभिमान और शिक्षा के क्षेत्र में संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए स्वयं सक्षम हैं. उनके मुताबिक, शिक्षकों को समझाने या उन्हें अपनी बात बताने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे अपने हितों और अधिकारों को लेकर जागरूक हैं.
नवल किशोर यादव ने कहा कि शिक्षक अपने सम्मान और स्वाभिमान के लिए स्वयं निर्णय लेने में सक्षम हैं. उन्होंने शिक्षकों को देश का सबसे बौद्धिक समुदाय बताते हुए कहा कि उन्हें किसी तरह की अतिरिक्त जानकारी देने या समझाने की आवश्यकता नहीं है.
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एमएनपी/पीएम
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