
मुजफ्फरपुर, 30 सितंबर . बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है. नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही Political दलों और उम्मीदवारों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है. इसी क्रम में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर Wednesday को तिरहुत निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी के शिक्षक और स्नातक उम्मीदवारों के नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने इसे Government बनाने या हटाने के बजाय Government को जवाबदेह बनाने का चुनाव बताया.
प्रशांत किशोर ने कहा कि तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से श्याम नंदन यादव और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. वी. मोहन जन सुराज के प्रत्याशी हैं. उन्होंने कहा कि श्याम नंदन यादव शिक्षण संस्थाओं से जुड़े रहे हैं और कारगिल में शहीद हुए प्रमोद यादव के भाई हैं, जबकि डॉ. वी. मोहन क्षेत्र में चिकित्सक के रूप में जाने जाते हैं.
उन्होंने कहा, “यह चुनाव Government बनाने का चुनाव नहीं है और न ही किसी को Government से हटाने का. अगले चार साल जो Government में हैं, उस Government को जवाबदेह बनाने और उसके गलत कार्यक्रमों पर अंकुश लगाने का यह चुनाव है.” प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में लोगों को 10 हजार रुपये देकर उनकी आशाओं और अपेक्षाओं को खरीदने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि अब पढ़े-लिखे मतदाताओं के सामने जन सुराज के रूप में नया विकल्प है. उन्होंने जाति और धर्म के आधार पर मतदान से ऊपर उठकर अपने और अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर मतदान करने की अपील की.
बिहार में बाढ़ की स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने Government और भाजपा पर भी निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन केंद्र की ओर से बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली. उन्होंने कहा कि यह चुनाव मतदाताओं के पास अपनी बात सत्ता तक पहुंचाने का लोकतांत्रिक माध्यम है. प्रशांत किशोर ने शिक्षकों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि जन सुराज का उम्मीदवार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीतता है तो Lok Sabha चुनाव से पहले शिक्षकों के लिए सम्मान, सुरक्षा और सातवां वेतनमान दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि यह पहल वित्त रहित, वित्त पोषित, नियोजित, विद्यालयी और विशिष्ट शिक्षकों समेत विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों के लिए होगी. उन्होंने दावा किया कि यदि Lok Sabha चुनाव से पहले सातवां वेतनमान नहीं दिला पाए तो आगे वोट मांगने नहीं आएंगे. वहीं, स्नातक मतदाताओं के लिए उन्होंने तिरहुत क्षेत्र के 10 हजार शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने की व्यवस्था करने का वादा किया.
उन्होंने कहा कि यदि डॉ. वी. मोहन जीतकर आते हैं तो बांकीपुर में लागू की गई व्यवस्था की तर्ज पर तिरहुत स्नातक क्षेत्र के युवाओं को भी इसका लाभ देने का प्रयास किया जाएगा. बिहार विधान परिषद की आठ शिक्षक और स्नातक सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है. जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं.
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एमएनपी/डीकेपी
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