बिहार में कार्यपालक अभियंता के ठिकानों पर निगरानी की छापेमारी, आय से 88 प्रतिशत अधिक संपत्ति का आरोप

Patna, 15 अक्टूबर . बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने Thursday को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह के Patna, कटिहार और सारण स्थित तीन ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान 5.70 लाख रुपए नकद, सोने-चांदी के आभूषण, जमीन के दस्तावेज और बैंक, शेयर तथा एलआईसी में निवेश से संबंधित कागजात बरामद किए गए हैं.

बरामद आभूषणों का मूल्यांकन किया जा रहा है, जबकि अन्य दस्तावेजों की जांच जारी है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ निगरानी थाना कांड संख्या 121/26, दिनांक 13 अक्टूबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन पर 1 करोड़ 10 लाख 96 हजार 883 रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है.

जांच के दौरान आरोपी, उनकी पत्नी श्वेता कुमारी और परिजनों के नाम पर 14 अचल संपत्तियों का पता चला है. इनका कुल मूल्य 1 करोड़ 79 लाख 41 हजार 883 रुपए आंका गया है. इसके अतिरिक्त पांच चल संपत्तियों का मूल्य 16 लाख 55 हजार रुपए बताया गया है. निगरानी ब्यूरो के मुताबिक, सामने आई संपत्तियां उनकी ज्ञात आय से करीब 88 प्रतिशत अधिक हैं.

विशेष न्यायालय, निगरानी, Patna से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर ब्यूरो की तीन टीमों ने Thursday को एक साथ तीन ठिकानों पर तलाशी शुरू की. इस दौरान सिलीगुड़ी के महंगे व्यावसायिक इलाके में वर्ष 2021 में खरीदी गई जमीन के दस्तावेज भी मिले हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी की पत्नी के नाम पर कुल 92 डिसमिल जमीन की खरीद से संबंधित 10 डीड बरामद हुई हैं.

आरोप है कि इन संपत्तियों को अभियुक्त ने अपने वार्षिक संपत्ति विवरण में नहीं दिखाया था. उस समय वह ग्रामीण कार्य विभाग में सहायक अभियंता के पद पर फारबिसगंज में तैनात थे. इसके अलावा Patna स्थित तीन बेडरूम वाला फ्लैट और कटिहार स्थित पैतृक आवास में दो बेडरूम वाले फ्लैट से संबंधित जानकारी भी सामने आई है. बैंक खातों, शेयर और एलआईसी निवेश के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है.

चंद्रशेखर सिंह वर्ष 2014 से विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे हैं. वह बांका, बायसी और फारबिसगंज में सहायक अभियंता के रूप में तैनात रहे. इसके बाद भागलपुर में गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला, किशनगंज-2 में कार्यपालक अभियंता और जून 2026 से छपरा में गुणवत्ता नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं. निगरानी ब्यूरो ने बताया कि मामले में तलाशी और अनुसंधान की कार्रवाई जारी है.

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एमएनपी/डीकेपी