
Patna, 28 सितंबर . बिहार में गंडक समेत कई नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच Chief Minister सम्राट चौधरी ने Monday को वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया. उन्होंने गोपालगंज के डुमरिया घाट में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर का स्थल निरीक्षण भी किया.
इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी. Chief Minister ने संवेदनशील और निचले इलाकों में लगातार निगरानी रखने तथा राहत-बचाव कार्यों में किसी तरह की शिथिलता नहीं बरतने का निर्देश दिया.
जल संसाधन विभाग के मुताबिक, राज्य में गंडक, कोसी, बागमती, कमला बलान, लालबकेया और घाघरा नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज की गईं. विभाग के आंकड़ों में कई स्थानों पर जलस्तर में वृद्धि का रुझान भी सामने आया है.
बताया गया कि गंडक नदी डुमरिया घाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. वहीं, कोसी नदी बलतारा में, जबकि बागमती नदी के ढेंग, सोनाखान, डुबाधार, कटौंझा और बेनीबाद में लाल निशान से ऊपर है. कमला बलान नदी का जलस्तर झंझारपुर में खतरे के निशान से ऊपर है. घाघरा नदी के दरौली में खतरे के निशान के पार है.
Chief Minister ने डुमरिया घाट में अधिकारियों से कहा कि तटबंधों की सतत निगरानी की जाए और रात में पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए. उन्होंने जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के बीच बेहतर समन्वय बनाकर आवश्यकता के अनुसार त्वरित कार्रवाई करने को कहा. बाढ़ राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन एवं जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए.
गौरतलब है कि Monday सुबह वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से अधिकतम 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. बाद में डिस्चार्ज घटने लगा. Chief Minister ने जलस्तर, बैराज से पानी की निकासी और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं.
इधर, बिहार स्टेट हाउसिंग बोर्ड ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए Chief Minister राहत कोष में पांच करोड़ रुपये का चेक Chief Minister सम्राट चौधरी को सौंपा.
Chief Minister ने सहयोग के लिए हाउसिंग बोर्ड का आभार जताया और कहा कि यह राशि आपदा एवं कठिन परिस्थितियों में जरूरतमंद लोगों की सहायता में उपयोगी होगी. इस मौके पर उपChief Minister विजय कुमार चौधरी, नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
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एमएनपी/एएसएच
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