
Patna, 21 सितंबर . बिहार के जमुई जिले में एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़, मारपीट, जबरन रोकने और अभद्र व्यवहार का वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया है.
आयोग ने बिहार के Police महानिदेशक को पत्र लिखकर मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने, वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी करने और समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने को कहा है.
राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मीडिया रिपोर्टों और प्रसारित वीडियो के आधार पर सामने आया है कि कुछ लोगों ने रात के समय युवती और उसके पुरुष साथी को घेर लिया.
आरोप है कि युवती को पकड़कर खींचा गया और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया. उसके साथी के साथ भी मारपीट किए जाने की बात सामने आई है. आयोग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए Police महानिदेशक से तत्काल कार्रवाई करने को कहा है.
आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बिहार के डीजीपी को लिखे पत्र में कहा है कि मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए. साथ ही वायरल वीडियो फुटेज के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जाए. आयोग ने Police से मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने तथा की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराने को कहा है.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने पीड़िता को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही कानूनी सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श मुहैया कराने का भी निर्देश दिया है. इसके अलावा social media पर प्रसारित आपत्तिजनक वीडियो की आगे की शेयरिंग रोकने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है.
इधर, बिहार राज्य महिला आयोग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जमुई के Police अधीक्षक को पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे जमुई शहर से कोचिंग कर के मड़वा पहाड़ से लौट रही 10वीं की छात्रा के साथ कुछ आपराधिक लोगों द्वारा कथित तौर पर जबरन मारपीट और बदसलूकी किए जाने का वीडियो वायरल हुआ है.
आयोग ने Police अधीक्षक से अपने स्तर से मामले की जांच कराते हुए संबंधित कानूनी धाराओं के तहत दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई से आयोग को अवगत कराने को कहा है. महिला आयोगों ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बालिकाओं की गरिमा, सुरक्षा और निजता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं है.
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एमएनपी/एमएस
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