
Patna, 30 अक्टूबर . Enforcement Directorate (ईडी) के Patna जोनल कार्यालय ने ‘बिहार constable भर्ती परीक्षा 2023’ के प्रश्न-पत्र लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पीएमएलए एक्ट 2002 के तहत 2.01 करोड़ रुपए मूल्य की 5 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है.
ईडी ने यह जांच ईओयू, Patna द्वारा दर्ज की गई First Information Report के आधार पर शुरू की थी. ईडी ने जारी अपने एक आधिकारिक बयान में बताया कि यह First Information Report आईपीसी 1860 की धाराओं 120बी, 420, 467, 468 और आईटी एक्ट 2000 की धारा 66 के तहत दर्ज की गई थी, जिसमें ‘बिहार constable भर्ती परीक्षा 2023’ का प्रश्न-पत्र लीक करने में शामिल विभिन्न टेलीग्राम यूआरएल, मोबाइल नंबर और बैंक खातों को आरोपी बनाया गया था.
22 अगस्त 2024 को दाखिल चार्जशीट के अनुसार ‘ब्लेसिंग्स सिक्योर्ड प्रेस प्राइवेट लिमिटेड’ के मालिक कौशिक कुमार कर ने एक साजिश रची. इसके तहत उन्होंने अपनी ही एक अन्य कंपनी ‘कैल्टेक्स मल्टीवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिए constable भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र छापने का ठेका हासिल किया.
‘कैल्टेक्स’ के पास न तो छपाई का कोई पिछला अनुभव था और न ही अपनी कोई प्रिंटिंग प्रेस थी, फिर भी ‘सेंट्रल सिलेक्शन बोर्ड ऑफ constable, बिहार’ ने उसे यह ठेका दे दिया. इस व्यवस्था के जरिए ‘ब्लेसिंग्स सिक्योर्ड प्रेस’ की संलिप्तता को छिपाया गया, जिसे पहले ही परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामलों में शामिल होने के कारण ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था.
‘constable भर्ती परीक्षा 2023’ के प्रश्नपत्र कोलकाता से Patna लाए जा रहे थे, तभी रास्ते में अन्य आरोपियों के साथ मिलीभगत करके इन्हें लीक कर दिया गया. इस लीक के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जिससे बिहार Government को आर्थिक नुकसान हुआ और परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के करियर पर भी बुरा असर पड़ा.
ईडी की जांच से पता चला है कि ‘ब्लेसिंग्स सिक्योर्ड प्रेस प्राइवेट लिमिटेड’ के असली मालिक कौशिक कुमार कर ने ‘कैल्टेक्स मल्टीवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की एक नई कंपनी बनाई. उन्होंने इस कंपनी में अपने सहयोगियों को ‘डमी डायरेक्टर’ के तौर पर रखा ताकि ‘ब्लेसिंग्स सिक्योर्ड प्रेस’ के पिछले मामलों में शामिल होने की वजह से लगी पाबंदियों से बचा जा सके.
कैल्टेक्स मल्टीवेंचर्स ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के जरिए बिहार Police constable भर्ती परीक्षा, 2023 के लिए प्रश्न पत्र छापने का ठेका हासिल किया. इसके बाद सेंट्रल सिलेक्शन बोर्ड ऑफ constable, बिहार के साथ हुए अनुबंध का उल्लंघन करते हुए उन्होंने यह काम ‘ब्लेसिंग्स सिक्योर्ड प्रेस’ को सौंप दिया.
कैल्टेक्स मल्टीवेंचर्स को 5.9 करोड़ रुपए का अग्रिम भुगतान मिला था, जिसमें से केवल एक हिस्सा ही ‘ब्लेसिंग्स सिक्योर्ड प्रेस’ को भेजा गया. बाकी 2.01 करोड़ रुपए की राशि को कई फर्जी कंपनियों के जरिए इधर-उधर कर दिया गया, जो बाद में गायब हो गई.
ईडी की जांच से यह भी पता चला है कि इन आपराधिक गतिविधियों से हासिल की गई रकम को कोलकाता स्थित ऐसी फर्जी कंपनियों के एक जटिल नेटवर्क के जरिए छिपाया गया, जिनका कोई वास्तविक कारोबार नहीं था. जांच में यह भी सामने आया कि इन पैसों को फर्जी लेन-देन के जरिए अलग-अलग शेल कंपनियों में भेजा गया ताकि इनके स्रोत और प्रकृति को छिपाया जा सके.
इसके बाद में इन पैसों को नकद में बदल दिया गया, जिससे पैसों के लेन-देन का सुराग खत्म हो गया. चूंकि अपराध से हासिल इस रकम का आगे पता नहीं लगाया जा सका, इसलिए ‘एम/एस एनसी प्रिंट प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम पर मौजूद 2.01 करोड़ रुपए मूल्य की 5 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया गया है. यह कंपनी भी कौशिक कुमार कर के नियंत्रण और स्वामित्व में है.
इस मामले में ईडी की ओर से आगे की जांच जारी है, जिसमें अपराध से हासिल अन्य रकमों का पता लगाना और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल अन्य आरोपियों या कंपनियों की भूमिका की जांच हो सकें.
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डीके/
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