बिहार: कथित तांत्रिक उपचार मामले में व्यक्ति गिरफ्तार

Patna, 7 अक्टूबर . बिहार Police ने सीतामढ़ी के परिहार ब्लॉक के महादेवपट्टी गांव में चिकित्सा देखभाल के नाम पर बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार करने के आरोपों के संबंध में श्रवण महतो उर्फ ​​श्रवण भगत को गिरफ्तार किया है.

यह मामला social media पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद सामने आया, जिसमें कथित तौर पर श्रवण बच्चों को पकड़कर हिलाते, उनके पैरों से उठाते और कथित तौर पर जमीन पर फेंकते हुए दिखाई दे रहा है.

Police ने बताया कि जब अधिकारी पहली बार मौके पर पहुंचे तो आरोपी भाग गया, लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उससे पूछताछ की जा रही है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, श्रवण पिछले लगभग चार वर्षों से महादेवपट्टी के एक श्मशान घाट परिसर में झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र से संबंधित अनुष्ठान कर रहा था.

स्थानीय लोगों का दावा है कि लोग बोलने और चलने-फिरने में कठिनाई और अन्य शारीरिक बीमारियों के इलाज के लिए बच्चों को विशेष रूप से Monday और Friday को यहां लाते थे.

Police इन दावों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश भी कर रही है कि कथित गतिविधि कितने समय से चल रही थी.

पूछताछ के दौरान, श्रवण ने कथित तौर पर Police को बताया कि वह देवी कामाख्या और भगवान नरसिम्हा का आह्वान करते हुए पवित्र चावल के दाने, या अक्षत, का वितरण करता था.

उसने कथित तौर पर दावा किया कि उसने यह विधि किसी से नहीं सीखी थी और उसे यह ज्ञान स्वप्न के माध्यम से प्राप्त हुआ था.

उसने यह भी दावा किया कि नेपाल और यहां तक ​​कि ऑस्ट्रेलिया से भी लोग इलाज के लिए आए थे और वह लगभग एक दशक से इस विधि का अभ्यास कर रहा था.

उसने आगे दावा किया कि इस दौरान किसी भी बच्चे की मृत्यु नहीं हुई.

ये बयान जांच का हिस्सा हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है.

वायरल वीडियो में दिखाए गए कथित उपचार ने जनता में आक्रोश पैदा कर दिया है.

हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, और इसका पूरा संदर्भ और इसमें दिखाए गए लोगों की पहचान अभी तक स्थापित नहीं हो पाई है.

परिहार थाना अधिकारी पंकज कुमार यादव के बयान पर First Information Report दर्ज की गई है.

Police ने भारतीय न्याय संहिता और किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों का हवाला दिया है.

एएसपी आशीष आनंद ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच चल रही है.

आनंद ने कहा कि हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बच्चों को उस स्थान पर कौन लाया था, कथित प्रथाएं कितने समय से चल रही थीं और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे.

जांचकर्ता वायरल वीडियो, आरोपी के बयान और स्थानीय निवासियों से प्राप्त जानकारी की जांच कर घटनाक्रम का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं.

इस मामले ने स्थानीय प्रशासन द्वारा बच्चों को संभावित हानिकारक प्रथाओं से बचाने के लिए उठाए गए कदमों पर भी सवाल खड़े किए हैं.

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एमएस/