‎बिहार एमएलसी चुनाव: आठ सीटों पर प्रचार थमा, 23 अक्टूबर को मतदान, पटना स्नातक सीट पर नीरज-अनुज के बीच मुकाबला ‎

‎Patna, 21 अक्टूबर . बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए Wednesday को प्रचार का शोर थम गया. अंतिम दिन भाजपा, जदयू, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और जन सुराज समेत विभिन्न दलों के प्रत्याशियों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी. चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए), महागठबंधन और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के बीच मुकाबला बहुकोणीय हो गया है.

‎इन आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है. चुनाव में कुल 150 प्रत्याशी मैदान में हैं. निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के लिए 933 केंद्र बनाए गए हैं. ‎चुनाव प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशियों ने व्यक्तिगत जनसंपर्क के साथ-साथ टेलीफोन और वॉयस मैसेज के जरिए भी मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश की. कई उम्मीदवारों की आवाज मतदाताओं के मोबाइल फोन पर लगातार सुनाई देती रही.

Political दलों ने अपने समर्थकों को गोलबंद करने और मतदान के दिन अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया. इस चुनाव में एनडीए ने सीटों के बंटवारे के तहत भाजपा और जदयू के बीच चार-चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. वहीं, महागठबंधन के घटक दलों के बीच कुछ सीटों पर तालमेल की चुनौती दिखाई दे रही है. जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है.

‎Patna स्नातक निर्वाचन क्षेत्र इस चुनाव में सबसे अधिक चर्चा में है. यहां जदयू के मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार एक बार फिर जीत दर्ज करने के प्रयास में हैं. उनके सामने जन सुराज के अनुज सिंह चुनौती पेश कर रहे हैं. राजद ने दिलीप कुमार को उम्मीदवार बनाया है. इस सीट पर जदयू विधायक अनंत सिंह के अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करने से मुकाबला और चर्चा में आ गया है.

चुनाव प्रचार के बीच नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की खबर भी Political हलकों में चर्चा का विषय बनी. उनके स्वास्थ्य को लेकर पार्टी समर्थकों और नेताओं की नजर बनी हुई है. इस घटनाक्रम के बीच अनंत सिंह ने अनुज सिंह की जीत का दावा दोहराया है. ‎स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में Patna, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में Patna, दरभंगा, तिरहुत और सारण सीटों पर मतदान होगा. इन सीटों पर मौजूदा विधान पार्षदों के सामने अपनी Political पकड़ बनाए रखने की चुनौती है.

‎हालांकि, अंतिम चरण में सभी दलों ने अपने-अपने समीकरण साधने के लिए स्थानीय नेताओं और समर्थकों को सक्रिय रखा. अब उम्मीदवारों की रणनीति मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने और अपने पक्ष में समर्थन जुटाने पर केंद्रित रहेगी. अब प्रचार समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों की नजर मतदान पर टिकी है. 23 अक्टूबर को होने वाला मतदान तय करेगा कि मतदाता किस दल और उम्मीदवार पर भरोसा जताते हैं. 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद आठों सीटों के परिणाम सामने आएंगे.

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‎एमएनपी/डीकेपी