
Patna, 3 सितंबर . बिहार के मंत्री और जदयू के नेता अशोक चौधरी ने Thursday को कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति को लेकर Government पूरी तरह सजग है और निचले इलाकों को खाली कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का नियंत्रण नहीं है, लेकिन बिहार Government का पूरा तंत्र पूरी तत्परता और सजगता के साथ काम कर रहा है.
मीडिया से बातचीत में अशोक चौधरी ने कहा कि नेपाल में जारी अलर्ट को देखते हुए जल संसाधन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है. कितने क्यूसेक पानी आ रहा है और पानी रोकने की क्षमता कितनी है, इसकी लगातार समीक्षा की जा रही है. गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और सोन नदी के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है. Madhya Pradesh में बारिश के कारण सोन नदी में पानी बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है.
उन्होंने कहा कि बिहार में अपेक्षाकृत कम बारिश होने के बावजूद नेपाल और Madhya Pradesh में होने वाली भारी बारिश का असर बिहार को झेलना पड़ता है. इसी कारण राज्य Government लगातार गाद प्रबंधन नीति की मांग कर रही है. Chief Minister सम्राट चौधरी ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से मुलाकात के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी. अशोक चौधरी ने कहा कि गाद जमा होने के कारण गंगा का बेसिन कई स्थानों पर फैल गया है, इसलिए गाद प्रबंधन नीति बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के केंद्र की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाने के संबंध में उन्होंने कहा कि तेजस्वी कोई अर्थशास्त्री नहीं हैं और केवल विरोध के लिए बयान दे रहे हैं. मध्य पूर्व संकट के बावजूद India की अर्थव्यवस्था और जीडीपी वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है. पेट्रोलियम और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद वित्तीय प्रबंधन मजबूत रहना Government की उपलब्धि है.
विदेश नीति को लेकर अशोक चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी विपक्ष में रहते हुए भी देशहित में तत्कालीन Prime Minister मनमोहन सिंह की Government के साथ खड़े हुए थे. आज विपक्ष के नेता विदेश जाकर Prime Minister और India की विदेश नीति पर सवाल उठाते हैं. यह Political सोच और देश-विदेश की समझ का अंतर है.
बाढ़ में बहकर आने वाली बड़ी मछलियों को खाने से भी उन्होंने लोगों को सावधान किया. जेडीयू नेता अशोक चौधरी ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में करीब 1000 से 1100 जलाशय हैं और वहां से विषम परिस्थितियों में बहकर आने वाली मछलियां मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं मानी जा सकतीं. उन्होंने लोगों से ऐसी मछलियां नहीं खाने की अपील की.
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह संविधान प्रदत्त अधिकार है और बेहद संवेदनशील विषय है. इस पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता. आरक्षण से जुड़े किसी विषय पर समीक्षा या चर्चा की आवश्यकता है, तो वह संसद में होनी चाहिए, मीडिया में नहीं. उन्होंने कहा कि जदयू अपने नेतृत्व की विचारधारा के साथ खड़ा है और आरक्षण जैसे गंभीर विषय पर अंतिम चर्चा का मंच संसद ही हो सकता है.
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एमएनपी/एसके
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