
बिलासपुर, 31 अक्टूबर . बैंक ऑफ बड़ौदा की राजकिशोर नगर शाखा में 5 करोड़ रुपए से अधिक के फर्जी बैंक लोन घोटाले के मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ईओडब्ल्यू-एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले की विवेचना पूरी होने के बाद तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक राहुल कुमार सिन्हा और विश्वजीत भौमिक के खिलाफ विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), बिलासपुर में चालान पेश किया गया है.
ईओडब्ल्यू-एसीबी के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर 11 फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक से कैश क्रेडिट, ओवरड्राफ्ट, बैंक गारंटी और टर्म लोन सहित विभिन्न ऋण सुविधाएं स्वीकृत कराईं. इस पूरे मामले में बैंक को कुल 5 करोड़ 4 लाख 15 हजार रुपये की आर्थिक क्षति हुई.
जांच में सामने आया कि विश्वजीत भौमिक जरहाभाठा स्थित उड़ान माइक्रो फाइनेंस कार्यालय के माध्यम से लोगों को ऋण दिलाने का काम करता था. इस दौरान वह लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, केवाईसी और संपत्ति संबंधी दस्तावेज हासिल करता था. आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर संबंधित लोगों की जानकारी के बिना उनके नाम पर फर्जी फर्में बनाई गईं.
वहीं, तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक राहुल कुमार सिन्हा पर बैंक के नियमों की अनदेखी कर इन 11 फर्मों को ऋण स्वीकृत करने और गलत निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है. जांच में तीन फर्मों के दुकान एवं स्थापना पंजीयन प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए. बैंक के निरीक्षण में किसी भी फर्म की वास्तविक व्यावसायिक इकाई नहीं मिली.
जांच एजेंसी के मुताबिक, ऋण की रकम फर्मों के कारोबार में इस्तेमाल करने के बजाय अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाली गई. इसका अंतिम लाभार्थी विश्वजीत भौमिक पाया गया. सभी 11 ऋण खाते वर्ष 2019 में ही एनपीए हो गए थे.
ईओडब्ल्यू-एसीबी ने 30 अक्टूबर 2026 को विशेष न्यायालय में चालान क्रमांक 84/2026 प्रस्तुत किया है. दोनों आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप पत्र पेश किया गया है.
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एमएस/
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