
आजमगढ़, 24 अक्टूबर . जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर लिखे गए विवादित नारों को लेकर सियासत तेज हो गई है. Samajwadi Party के नेता अबू आजमी ने Union Minister गिरिराज सिंह के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को सवाल उठाने का अधिकार है. यदि लोगों को वर्षों तक बिना ट्रायल के जेल में रखा जाएगा तो जनता की आवाज उठना स्वाभाविक है.
जामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर लिखे विवादित नारों को लेकर Union Minister गिरिराज सिंह के आरोपों पर Samajwadi Party के नेता अबू आजमी ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने सबको आवाज उठाने का अधिकार दिया है. अगर देश में कोई भी बड़ा से बड़ा अपराधी हो और जेल में बंद हो, तो लोग चाहेंगे कि उस पर जल्दी केस चलाया जाए और दोषी साबित होने पर उसे सजा मिले, लेकिन अगर आप केस ही नहीं चलाएंगे और लोगों को पांच-पांच, छह-छह साल तक बिना ट्रायल के जेल में रखेंगे तो मैं समझता हूं कि जनता आवाज उठाएगी ही.
उन्होंने कहा कि एक पीढ़ी खत्म हो गई, दूसरी पीढ़ी खत्म हो गई और केस चलता रहता है. जमानत तो तुरंत अधिकार है और अधिकतम दो-तीन साल में केस का फैसला हो जाना चाहिए. अगर केस शुरू ही नहीं हो पा रहा है तो लोगों का आवाज उठाना गलत नहीं है.
सपा नेता ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को पूरा अधिकार है कि वह Government की नीतियों पर सवाल उठाए. विपक्ष के नेता का पद क्यों बनाया जाता है? उसको विशेष दर्जा क्यों दिया जाता है? Government ही उसको कैबिनेट का दर्जा देती है, सारी सुविधाएं देती है, ताकि वह Government की गतिविधियों पर नजर रखे और सवाल उठाए. तो क्या आप उसे भी कुचल देना चाहते हैं? क्या आप लोगों की आवाज को कुचल सकते हैं?
उन्होंने कहा कि मुझे अच्छी तरह याद है, जब मायावती Chief Minister बनी थीं, तो उनके बंगले के सामने से गुजरने वाली गाड़ियां बंद कर दी गई थीं. विधानसभा के सामने जहां लोग आंदोलन करने आते थे, वह भी बंद कर दिया गया था. जब अखिलेश यादव की Government आई तो उन्होंने अपने घर के सामने से गुजरने वाली गाड़ियों को फिर चालू कर दिया और विधानसभा के सामने आंदोलन की जगह को भी और बड़ा कर दिया. उन्होंने कहा कि आंदोलन करो.
अबू आजमी ने कहा कि आंदोलन तब होता है जब लोग परेशान होते हैं. Samajwadi Party परेशान लोगों की आवाज उठाना चाहती है. अगर आज भी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़े देख लिए जाएं तो मालूम पड़ जाएगा कि अलग-अलग दलों के कितने सांसद और विधायक आपराधिक मामलों में शामिल हैं. जो लोग पोस्टर लगा रहे हैं, उन्हीं के लोगों पर ज्यादा अपराध के आरोप हैं.
उन्होंने कहा कि परिवारवाद की बात करने वाले लोग Samajwadi Party पर आरोप लगाते हैं, लेकिन Samajwadi Party इस तरह की बातें नहीं करती. सच्चाई यह है कि Samajwadi Party इतनी मजबूत है कि लोग स्वयं चाहते हैं कि अखिलेश यादव के परिवार के सदस्य चुनाव लड़ें, क्योंकि उन्हें विश्वास है कि वे जीतेंगे. कई बार वे खुद चुनाव नहीं लड़ना चाहते, लेकिन कार्यकर्ता और जनता दबाव बनाती है. यह भी लोकतंत्र का हिस्सा है.
सपा नेता ने कहा कि एक किसान परिवार का व्यक्ति, जिसने साइकिल पर चलकर राजनीति शुरू की, लोगों से चंदा लेकर राजनीति की, जो किसी बड़े Political घराने से नहीं था, जिसने पैदल चलकर संघर्ष किया, यदि उसका परिवार आज देश के बड़े Political परिवारों में गिना जाता है तो यह संघर्ष की देन है, पैसे की नहीं.
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डीकेपी
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