
वाशिंगटन, 28 अक्टूबर . शिकागो के उपनगर नेपरविले में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के अमेरिकी रहते हैं. हाल ही में यहां के एक मंदिर पर हमले की कोशिश नाकाम रही थी. इससे सबक लेते हुए Police ने धार्मिक स्थलों पर गश्त बढ़ा दी है.
इसके साथ ही, वे पूजा-स्थलों को मुफ्त सुरक्षा मूल्यांकन (सिक्योरिटी असेसमेंट) की सुविधा भी दे रहे हैं. यह कदम पड़ोसी शहर ऑरोरा में एक हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश को नाकाम किए जाने के दो सप्ताह से अधिक समय बाद उठाया गया है.
स्थानीय ब्रॉडकास्टर एनसीटीवी17 की रिपोर्ट के अनुसार, नेपरविले के Police प्रमुख जेसन एरेस ने वेस्ली यूनाइटेड मेथोडिस्ट चर्च में आयोजित ‘हेट क्राइम्स (नफरत से प्रेरित अपराधों) पर संवाद’ कार्यक्रम में सुरक्षा उपायों के बारे में बताया. इस कार्यक्रम में सात अलग-अलग धार्मिक समुदायों के 50 से अधिक लोग शामिल हुए.
एरेस ने कहा, “हमारे पास एक टीम है जो आपके पूजा स्थलों का दौरा करेगी और वहां सुरक्षा का जायजा लेगी. हम आपकी जगह को सुरक्षित रखने के लिए कई तरह की मुफ्त सेवाएं देंगे—जैसे कि यह देखना कि कैमरे कहां लगे हैं (या कहां लगाने की जरूरत है), झाड़ियों की छंटाई करना, या रोशनी (लाइटिंग) की व्यवस्था करना. हम अपने समुदाय की सुरक्षा के लिए हर संभव मदद करेंगे.”
उन्होंने धार्मिक नेताओं से Police विभाग के ‘सिविलियन रिस्पॉन्स टू एक्टिव शूटर इवेंट्स’ नामक मुफ्त कोर्स में हिस्सा लेने का भी आग्रह किया. उन्होंने कहा, “अगर आपको कुछ भी संदिग्ध लगे या किसी बात की चिंता हो, तो बेझिझक हमें बताएं. ऐसी स्थितियों में 911 पर कॉल करना बिल्कुल सही है.”
यह कार्यक्रम ‘यूनाइटेड फॉर पीस’ और ‘नेपरविले इंटरफेथ लीडर्स एसोसिएशन’ द्वारा आयोजित किया गया था. यह आयोजन 11 अक्टूबर को—जो नवरात्रि का पहला दिन था—अरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश के बाद किया गया.
‘यूनाइटेड फॉर पीस’ की बोर्ड सदस्य शालिनी गुप्ता ने कहा, “हमलावर कई समुदायों के प्रति नफरत रखता था—जिसमें यहूदी समुदाय, अफ्रीकी अमेरिकी, भारतीय और अन्य समूह शामिल हैं.”
नेपरविले के मेयर स्कॉट वेहरली ने कहा, “ऑरोरा के एक हिंदू मंदिर में मौजूद हमारे निवासियों और समुदाय के सदस्यों पर एक ऐसे व्यक्ति ने हमला करने की कोशिश की, जो नफरत से भरा हुआ था और जिसके विचार ऐसे थे जिन्हें हमारा समुदाय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करता.”
उन्होंने आगे कहा, “यह एक अजीब विडंबना है कि नफरत ने ही हमें यहां एक साथ लाकर समुदाय के बीच सार्थक बातचीत का मौका दिया है. लेकिन ऐसी बातचीत केवल दुखद घटनाओं के समय ही नहीं, बल्कि हमेशा जारी रहनी चाहिए.” इस कार्यक्रम में ऑरोरा के मेयर जॉन लैश भी मौजूद थे.
नेपरविले की निवासी सैली जोशी ने कहा, “अपने घर के इतने करीब ऐसा कुछ होते देखना बहुत डरावना था; यह वही मंदिर है जहां मेरा परिवार भी जाता है.”
‘कांग्रेगेशन बेथ शालोम’ के रब्बी डेविड एबर ने बताया कि अमेरिका भर के यहूदी प्रार्थना स्थलों (सिनागॉग) में पहले से ही इसी तरह के सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं.
अभियोजकों का आरोप है कि पैलेटाइन के रहने वाले 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस—जो खुद को नव-नाजी मानता है—ने मंदिर के बाहर एक व्यक्ति को गोली मारने की कोशिश की, लेकिन उसकी राइफल जाम हो गई. आरोप है कि उसने ‘श्वेत वर्चस्व’ का समर्थन करने वाला आठ पन्नों का दस्तावेज भी तैयार किया था, जिसमें एक हिंदू पूजा स्थल पर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा करने की बात कही गई थी.
पैलेटाइन Police विभाग के अनुसार, उस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से छोटी बैरल वाली राइफल रखने के राज्य-स्तरीय आरोप लगाए गए हैं. अदालत में उसकी अगली पेशी 30 अक्टूबर को है.
अभी तक कोई संघीय (आरोप तय नहीं किए गए हैं). न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग ने संकेत दिया है कि वे इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं.
कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में कांग्रेस के 105 सदस्यों के एक समूह ने एफबीआई निदेशक काश पटेल से 29 अक्टूबर तक यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या वे इस साजिश की जांच एक ‘संघीय हेट क्राइम’ के रूप में कर रहे हैं? हमले की कोशिश के समय राजा कृष्णमूर्ति अपने परिवार के साथ मंदिर में ही मौजूद थे.
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केआर/
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