
हरिद्वार, 23 अगस्त . उत्तराखंड के हरिद्वार में Sunday को संत समाज द्वारा ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और Chief Minister पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए. कार्यक्रम में योग गुरु बाबा रामदेव और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा मौजूद रहे.
Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “आज के विषय पर संतों से बहुत सोच-समझकर दिए गए विचार और बेहतरीन मार्गदर्शन मिला है. जब भी किसी जरूरी या मुश्किल काम में रुकावट आती है तो संतों का आशीर्वाद सभी बाधाओं को दूर कर देता है. संतों का साथ और आध्यात्मिक मार्गदर्शन ही पापों, दुखों और मुश्किलों को खत्म करने में मदद करता है.”
सीएम धामी ने कहा, “अलग-अलग राज्यों में बार-बार चुनाव होने से काफी समय बर्बाद होता है. पार्टी कार्यकर्ताओं, मंत्रियों और विधायकों को हर बार चुनाव प्रचार के लिए जाना पड़ता है. मुझे विश्वास है कि देवभूमि में मां गंगा के पवित्र आशीर्वाद से ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का काम जल्द ही पूरा होगा, क्योंकि संतों ने इसके लिए आवाज उठाई है और मजबूत संकल्प लिया है. जब संत एक साथ किसी काम का संकल्प लेते हैं, तो वह पूरा होकर ही रहता है.”
उन्होंने आगे कहा कि 2024 और 2025 में Lok Sabha चुनाव के साथ उन्हें दो उपचुनावों और फिर नगर निकाय चुनावों का भी सामना करना पड़ा. बार-बार आदर्श आचार संहिता लागू होने से एक-एक महीने तक सरकारी काम रुक जाते हैं और सभी कर्मचारी चुनाव व्यवस्थाओं में लग जाते हैं, इसलिए एक साथ चुनाव होना देश के हित में है.
वहीं, Union Minister शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर ‘वंदे मातरम’ के मुद्दे पर बात की. उन्होंने कहा, “‘वंदे मातरम’ India माता के प्रति सम्मान और मातृभूमि की पूजा का गीत है. इस पर कोई आपत्ति कैसे कर सकता है? 1937 में मुस्लिम लीग के दबाव में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ को दो हिस्सों में बांटने का फैसला किया था, जो बाद में देश के बंटवारे की एक वजह बना.”
सीएम धामी ने भी इसी बात को दोहराते हुए कहा कि 1937 में कांग्रेस ने तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के कारण उस गीत का अपमान किया, जिसके लिए लाखों शहीदों ने जान दी थी.
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एससीएच/डीकेपी
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