
बारामूला, 29 अक्टूबर . साइबर अपराध और अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाले वित्तीय नेटवर्क पर लगाम कसने की दिशा में एक बड़े कदम के तहत बारामूला Police ने दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है.
जम्मू-कश्मीर के बारामूला के साइबर Police स्टेशन के जरिए यह First Information Report दर्ज की गई है. आरोप है कि ये लोग अवैध धन को प्राप्त करने, रखने और ट्रांसफर करने के लिए ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ का इस्तेमाल कर रहे थे.
बता दें कि म्यूल बैंक अकाउंट एक ऐसा बैंक खाता होता है, जिसका उपयोग साइबर अपराधी, ठग या मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले लोग अवैध रूप से प्राप्त किए गए धन (जैसे- साइबर फ्रॉड, फिशिंग स्कैम या डिजिटल ठगी के पैसे) को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर करने या छिपाने के लिए किया जाता है.
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 61(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) और 66(सी) के तहत First Information Report दर्ज की गई है. आरोपियों की पहचान मोहसिन अशरफ गनी, निवासी गुलशनाबाद, बारामूला और साहिल इरशाद, निवासी खानपोरा, बारामूला, जो वर्तमान में चकलू में रह रहा है, के रूप में हुई है.
यह केस इस सूचना के आधार पर दर्ज किया गया था कि जम्मू-कश्मीर के अंदर और बाहर अवैध धन की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए म्यूल बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसे अकाउंट का इस्तेमाल संदिग्ध लेनदेन के स्रोत और आवाजाही को छिपाने के लिए किया जा सकता है, जो साइबर अपराध से जुड़े वित्तीय अपराधों का पता लगाने और उन्हें रोकने में बड़ी चुनौती पेश करता है.
फिलहाल जांच जारी है ताकि वित्तीय लेनदेन की पूरी सीमा का पता लगाया जा सके, इसमें शामिल लोगों की व्यक्तिगत भूमिकाओं को स्थापित किया जा सके और इस मामले से जुड़े किसी भी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की पहचान की जा सके.
Police ने साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. जनता को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक अकाउंट, एटीएम कार्ड, बैंकिंग क्रेडेंशियल या अकाउंट एक्सेस को अनजान लोगों के साथ साझा न करें या कमीशन के बदले में ऐसा न करें क्योंकि ऐसी व्यवस्थाएं अकाउंट धारकों को कानूनी परिणामों के खतरे में डाल सकती हैं.
–
पीएम
Skip to content