बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को बहाल करने का काम जारी : जम्मू-कश्मीर सरकार

श्रीनगर, 25 सितंबर . जम्मू-कश्मीर Government ने Friday को विधानसभा में बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढांचे को बहाल करने का काम जारी है.

विधायक शक्ति राज परिहार के सवाल का Chief Minister उमर अब्दुल्ला की ओर से जवाब देते हुए उपChief Minister सुरिंदर चौधरी ने कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान प्रभावित हुई सड़कों और जलापूर्ति योजनाओं को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया है, जबकि उन्हें स्थायी रूप से ठीक करने का काम जारी है.

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के दौरान क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढांचे को आंशिक रूप से बहाल किया गया है. सभी प्रभावित जिलों में स्थायी बहाली का काम चल रहा है.

प्रभावित लोगों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के नियमों के तहत तय वित्तीय सहायता दी जा रही है. हालांकि, पुनर्वास के लिए विशेष रूप से कोई अलग राहत पैकेज मंजूर नहीं किया गया है.

उपChief Minister ने बताया कि Chief Minister राहत कोष से उन परिवारों को अतिरिक्त सहायता दी गई है, जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं.

किश्तवाड़ जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान चिशोती में बादल फटने की घटना के बाद पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए मकानों वाले 16 परिवारों को एक-एक लाख रुपए की सहायता दी गई. वहीं, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त तीन मकानों के लिए प्रत्येक परिवार को 25-25 हजार रुपए दिए गए.

वर्ष 2026-27 के लिए पुंछ जिले में Chief Minister राहत कोष से 87 लाभार्थियों के लिए 108 लाख रुपए जारी किए गए हैं. इन लाभार्थियों के मकानों या अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचा था.

इसी तरह, राजौरी जिले में ढांचों को हुए नुकसान से प्रभावित 377 लाभार्थियों के लिए Government ने 281 लाख रुपए जारी किए हैं.

सुरिंदर चौधरी ने दोहराया कि Government प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी बुनियादी ढांचे को समय पर बहाल करने, प्रभावित परिवारों को नियमों के तहत राहत देने और स्थायी बहाली के काम में तेजी लाने के लिए प्रतिबद्ध है.

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एएमटी/एबीएम