
काठमांडू, 29 अगस्त . नेपाल में लगातार भारी बारिश और बाढ़ के कारण बिगड़े हालात के बीच अब तक 114 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया है. नेपाल Government ने Saturday को यह जानकारी देते हुए कहा कि आपदा ग्रस्त इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है.
नेपाल पर्यटन बोर्ड की ओर से एक सूची जारी की गई है. social media प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई लिस्ट में 15 देशों के कुल 187 लोगों को बचाए जाने की जानकारी दी गई है. India के अलावा इसमें बेल्जियम, बुल्गारिया, जर्मनी, चीन, इटली, माल्टा, ओमान, पुर्तगाल, रूस, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्विजरलैंड, तुर्की और अमेरिका के बचाए गए नागरिक हैं. इसमें सबसे ज्यादा India के 114, चीन के 27 और दक्षिण कोरिया के कुल 20 पर्यटक शामिल हैं.
बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं के कारण कई इलाकों में जनजीवन पर असर पड़ा है. नदियों के जलस्तर में वृद्धि, सड़क संपर्क बाधित होने और भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है.
बचाए गए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक, तीर्थयात्री, कारोबारी और अन्य नागरिक नियमित रूप से आते-जाते हैं, ऐसे में बाढ़ की स्थिति के दौरान उनकी सुरक्षा भी दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण चिंता बनी हुई है.
नेपाल में मौजूदा स्थिति को देखते हुए India Government भी घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रही है. विदेश मंत्रालय ने नेपाल में बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर एक 24 घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, ताकि प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
26 अगस्त 2026 को रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और गोरखा जिलों में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भयानक बाढ़ के बाद, नेपाल का संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नेपाल पर्यटन बोर्ड (एनटीबी), पर्यटक Police और अन्य संबंधित पक्ष सरकारी एजेंसियों, सुरक्षा अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि आपदा पीड़ित पर्यटकों और यात्रियों की सुरक्षा और उनके ठिकाने का पता लगाया जा सके. जो लोग फंसे हुए हैं, घायल हैं या किसी अन्य तरह से प्रभावित हुए हैं, उनके लिए खोज, बचाव, सुरक्षित निकालने और सहायता के काम जारी हैं.
एनटीबी ने टूरिज्म Police और एनडीआरआरएमए के हवाले से बताया कि 29 अगस्त 2026 को दोपहर 1:30 बजे तक 184 पर्यटकों को बचाया गया है, 3 पर्यटक अधिकारियों के संपर्क में हैं, और 420 पर्यटकों से अभी भी कोई संपर्क नहीं हो पाया है.
पर्यटन विभाग के अनुसार, उन राजनयिक मिशनों के साथ भी तालमेल बिठाया जा रहा है जो आपदा पीड़ित अपने नागरिकों के बारे में जानकारी और मदद मांग रहे हैं. 28 अगस्त को, New Delhi में सिंगापुर गणराज्य के उच्चायोग में फर्स्ट सेक्रेटरी (Political) अब्राहम टैन और New Delhi स्थित न्यूजीलैंड उच्चायोग में काउंसलर (प्रबंधन) और काउंसल जेनी डू टॉयट ने एनटीबी का दौरा किया. उन्होंने सिंगापुर और न्यूजीलैंड के उन नागरिकों का पता लगाने में मदद मांगी जिनके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.
इसके साथ ही जानकारी दी गई है कि काठमांडू-मुगलिंग सड़क मार्ग अब पूरी तरह से चालू है और इस रास्ते पर सामान्य रूप से आवाजाही हो रही है. रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और गोरखा में बाढ़ से प्रभावित कुछ सड़क हिस्सों को छोड़कर, देश भर में बाकी सड़क नेटवर्क आम तौर पर चालू हैं. साथ ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें.
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केआर/
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