बागेश्वर बाबा के खिलाफ कांग्रेस की शिकायत पर सियासी घमासान, भाजपा ने किया पलटवार

New Delhi, 9 सितंबर . पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन और उसकी बिक्री पर रोक लगाने की अपील को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री विवादों में घिर गए हैं. उनके इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने उनके खिलाफ कोलकाता के भवानीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. कांग्रेस की इस शिकायत के बाद अब इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है और भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

Patna में बिहार Government के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कांग्रेस की शिकायत पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, “कांग्रेस को देश विरोधी काम करने में आनंद आता है. देश के संत-महात्माओं को अपमानित करने में आनंद आता है. भारतीय संस्कृति का अपमान करने में आनंद आता है. जहां भी देशभक्ति की बात होती है, उन्हें दिक्कत होती है.”

चंद्रवंशी ने कहा कि बाबा बागेश्वर ने तो सिर्फ मां दुर्गा की पूजा की पवित्रता बनाए रखने की बात कही थी, इसमें गलत क्या है. कांग्रेस तुष्टिकरण के लिए किसी भी हद तक जा सकती है.

पश्चिम बंगाल के जगतदल में मंत्री अर्जुन सिंह ने भी कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने कहा, “जहां तक कांग्रेस की बात है, उन्होंने तो उन संतों और साधुओं पर भी गोलियां चलवाई थीं जो गोहत्या के विरोध में प्रदर्शन करने गए थे. इसलिए, कांग्रेस को छोड़िए. उनके लिए हम बस इतना ही कह सकते हैं: भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे.”

रांची में बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा, “बाबा बागेश्वर के साथ कांग्रेस का हमेशा से प्यार-नफरत वाला रिश्ता रहा है. वे एक बाबा हैं. जब भी किसी सनातनी बाबा की बात आती है, तो कांग्रेस का इतिहास हमेशा ऐसा ही रहा है.”

प्रतुल शाह देव ने कहा, “जब चंद्रास्वामी जैसे चमत्कारी बाबा होते थे, तो वे Governmentें चलाते थे. कांग्रेस के शासनकाल में सनातन धर्म की प्रमुख हस्तियों, जिनमें बाबा और धार्मिक गुरु शामिल हैं, को लगातार निशाना बनाया गया है. क्या कांग्रेस में इतनी हिम्मत है कि वह किसी मुस्लिम धार्मिक नेता के बारे में भी वही बात कहे जो वह बाबा बागेश्वर के बारे में कह रही है.” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सनातन धर्म को निशाना बनाकर वोट बैंक की राजनीति कर रही है लेकिन जनता सब देख रही है.

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