
ढाका, 28 सितंबर . बांग्लादेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के बीच Police ने इस साल अगस्त तक पिछले 20 महीनों में देशभर की नदियों से 920 शव बरामद किए हैं, जबकि हत्या, बलात्कार, अपहरण और डकैती की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं.
अपराध विशेषज्ञों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि इस खतरनाक प्रवृत्ति ने यह आशंका बढ़ा दी है कि पेशेवर अपराधी हत्याओं के बाद सबूतों को ठिकाने लगाने के लिए बांग्लादेश की नदियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि Police मामलों की प्रभावी जांच और समाधान करने में असमर्थ दिख रही है.
बांग्लादेशी दैनिक ‘न्यू एज’ ने बताया कि विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि शव पर वजन बांधकर नदी में फेंकने से हत्यारों को पकड़े जाने से बचने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है, जबकि नदी की धारा अवशेषों को बहाकर काफी दूर ले जा सकती है, जिससे जांचकर्ताओं के लिए अपराध स्थल का पता लगाना मुश्किल हो जाता है.
बांग्लादेश रिवर Police के आंकड़ों का हवाला देते हुए न्यू एज ने बताया कि 2025 में देशभर की नदियों से 541 शव बरामद किए गए, जबकि इस साल जनवरी से अगस्त के बीच 379 शव और मिले. हालांकि, रिवर Police के आंकड़े इस भयावह तस्वीर का केवल एक हिस्सा हैं, क्योंकि सड़कों के किनारे और रेलवे ट्रैक के पास भी अक्सर शव मिलते हैं.
अपनी ताजा रिपोर्ट में मानवाधिकार संगठन ‘मानबाधिकार शोंस्कृति फाउंडेशन’ (एमएसएफ) ने कहा है कि सितंबर 2026 के पहले 20 दिनों के दौरान ढाका समेत बांग्लादेश के विभिन्न इलाकों में नदी किनारों, सड़कों, रेलवे लाइनों, खेतों और अन्य स्थानों से कम से कम 42 अज्ञात शव बरामद किए गए.
न्यू एज की रिपोर्ट के अनुसार, एमएसएफ के आंकड़ों से पता चला है कि इस साल जनवरी से अगस्त के बीच 465 अज्ञात शव बरामद किए गए. 14 सितंबर को, स्थानीय लोगों द्वारा सांभोग यूनियन के देपाशाई नोआपारा में एक खेल के मैदान के पास तैरता हुआ शव देखे जाने और अधिकारियों को सूचित करने के बाद, Police ने बंशी नदी से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया.
धामराई थाने के निरीक्षक (जांच) शहीदुल इस्लाम ने Saturday को बताया कि मृतक की पहचान अब तक अज्ञात है. इस घटना के संबंध में अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है.
न्यू एज ने एक वरिष्ठ Police अधिकारी के हवाले से कहा, “Police ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन की एक टीम थाने में आई और उसकी पहचान तय करने के लिए शव के फिंगरप्रिंट लेने की कोशिश की, लेकिन असफल रही. बाद में उसका डीएनए सैंपल लेने के बाद शव को एक अज्ञात व्यक्ति के रूप में दफना दिया गया.”
एमएसएफ के मुख्य कार्यकारी सैदुर रहमान के अनुसार, संगठन के विश्लेषण से पता चला है कि बरामद किए गए अधिकांश शव पीड़ितों की अन्य स्थानों पर हत्या किए जाने के बाद नदियों में फेंके गए प्रतीत होते हैं.
नदियों और अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में शवों की बरामदगी को चिंताजनक बताते हुए सैदुर ने कहा, “हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि कई पीड़ितों को जमीन, पारिवारिक, वित्तीय और Political मामलों से संबंधित विभिन्न विवादों पर हत्या के बाद फेंका जा रहा है. अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज करने से राज्य को अपनी जिम्मेदारियों और जवाबदेही से मुक्ति नहीं मिल जाती.”
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