बांग्लादेश-पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकियों पर सवाल, ढाका को क्या होगा फायदा

New Delhi, 31 अक्टूबर . बांग्लादेश और Pakistan के बीच वर्षों की सीमित बातचीत के बाद संबंधों में तेजी से बढ़ती नजदीकियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है.सवाल उठने लगे हैं कि इस नए रिश्ते से ढाका को वास्तव में क्या लाभ मिलेगा, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक असंतुलन और कई ऐतिहासिक मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं.

बांग्लादेश की न्यूज वेबसाइट डेली वादा की एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच संपर्क और आदान-प्रदान बढ़ा है. Pakistan से जुड़ी हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है. कराची से चट्टोग्राम बंदरगाह पर नियमित रूप से जहाज पहुंच रहे हैं. छात्रवृत्ति कार्यक्रमों की घोषणा की गई है और दोनों देशों के सरकारी तथा निजी क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडलों का आवागमन बढ़ा है.

हालांकि, व्यापारिक आंकड़े दोनों देशों के बीच बड़े असंतुलन को दर्शाते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में Pakistan का बांग्लादेश को निर्यात 6.72 करोड़ डॉलर रहा. Pakistan के केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के आधार पर यह व्यापार अनुपात लगभग 11:1 Pakistan के पक्ष में है. इससे पहले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 7.16 करोड़ डॉलर था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि Pakistan का बांग्लादेश को होने वाला अधिकांश निर्यात कपास और वस्त्र उद्योग से जुड़े कच्चे माल का है, जो Pakistanी रुपए की गिरावट के कारण अधिक प्रतिस्पर्धी हो गए हैं.

वहीं, बांग्लादेश लंबे समय से जूट और जूट उत्पादों पर शुल्क में रियायत की मांग करता रहा है. इस क्षेत्र में बांग्लादेश की वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति है. Pakistan अपनी लगभग पूरी कच्ची जूट और जूट यार्न (जूट के रेशों से बनाया गया धागा) की जरूरत बांग्लादेश से पूरी करता है, लेकिन मूल्य संवर्धित जूट उत्पादों पर अपेक्षाकृत अधिक शुल्क लगाए गए हैं, जिससे बांग्लादेशी उत्पादों की बाजार पहुंच सीमित हो जाती है.

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का कहना है कि शुल्क संरचना के कारण हाल के वर्षों में Pakistan से बांग्लादेश की जूट आय में उल्लेखनीय गिरावट आई है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Pakistan ने सार्वजनिक रूप से बांग्लादेश को निर्यात में बड़ी वृद्धि का लक्ष्य रखा है, जबकि बांग्लादेशी निर्यात बढ़ाने को लेकर कोई समान लक्ष्य घोषित नहीं किया गया है.

हालांकि डिजिटल क्षेत्र में बांग्लादेश कई अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों पर बेहतर प्रदर्शन करता है, लेकिन Pakistan ने वित्तीय संस्थानों, डिजिटल वॉलेट और सरकारी सेवाओं को साझा प्लेटफॉर्मों से जोड़ने में उल्लेखनीय प्रगति की है.

रिपोर्ट के अनुसार, संस्थागत और तकनीकी सहयोग दीर्घकाल में केवल व्यापार से अधिक मूल्यवान साबित हो सकता है, हालांकि ढाका को इन संभावित लाभों के साथ-साथ ऐतिहासिक विवादों, बाजार पहुंच संबंधी चिंताओं और घरेलू Political संवेदनशीलताओं के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना होगा, जो अब भी दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित करते हैं.

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