बांग्लादेश: एक और डिप्टी अटॉर्नी जनरल ने दिया इस्तीफा, उठे सवाल

ढाका, 17 अक्टूबर . बांग्लादेश के अटॉर्नी जनरल ऑफिस में बीते कुछ महीनों से इस्तीफों की झड़ी सी लग गई है. Saturday को डिप्टी जनरल शिउली खानम ने पद छोड़ दिया. स्थानीय मीडिया ने इसकी जानकारी दी.

डिप्टी अटॉर्नी जनरल (डीएजी) शेउली खानम ने निजी वजहों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा दिया. ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि इस्तीफा पहले अटॉर्नी जनरल के ऑफिस में जमा किया गया, और फिर सॉलिसिटर को भेजा गया.

पिछले कुछ महीनों में इस ऑफिस में इस्तीफे का ट्रेंड लगभग रेगुलर हो गया है. बांग्ला न्यूज 24 के अनुसार शेउली खानम से पहले, डिप्टी अटॉर्नी जनरल बेलायत हुसैन ने भी 21 सितंबर को निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था. इससे पहले, डिप्टी अटॉर्नी जनरल सादिया अफरीन शापला ने 9 सितंबर को इस्तीफा दे दिया था.

सबसे बड़ी घटनाओं में से एक 7 सितंबर को हुई. उस दिन एक साथ पांच लॉ ऑफिसर्स ने इस्तीफा दे दिया. इनमें एडिशनल अटॉर्नी जनरल मुहम्मद अब्दुल जब्बार भुयान, डिप्टी अटॉर्नी जनरल सुल्ताना अख्तर रूबी और मामून चौधरी, और असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल रोहानी सिद्दिका और प्रोज्जल चकमा शामिल थे.

इसके अलावा, हाल ही में, असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल मोहम्मद नूरुल करीम ने भी इस्तीफा दे दिया था. अवामी लीग के लिए राजनीति करने के आरोप लगने के बाद उन्होंने कानून मंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया था.

ये महज सितंबर की ही बात नहीं है, बल्कि इससे पहले जून में जमात समर्थित सात डिप्टी अटॉर्नी जनरल और 11 असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल ने Government के एक फैसले के विरोध में एक साथ अपना इस्तीफा दे दिया था. रिपोर्ट में Government द्वारा लिए गए फैसले की डिटेल्स नहीं बताई गई थीं.

शिउली खानम और बेलायत हुसैन दोनों ने अपने इस्तीफे का कारण निजी बताया. हालांकि बांग्लादेश की मीडिया में सवाल तैर रहे हैं कि क्या इतने कम समय में एक ही ऑफिस से इतने सारे अधिकारियों का जाना सिर्फ निजी वजहों से है? या कोई प्रशासनिक या सियासी कारण से इस्तीफों की झड़ी लग रही है. इस मामले पर अभी तक Government या अटॉर्नी जनरल के ऑफिस से कोई टिप्पणी नहीं आई है.

राज्य के कानूनी प्रतिनिधित्व में अटॉर्नी जनरल के ऑफिस की भूमिका अहम है. यह ऑफिस हाई कोर्ट में मामलों को संभालने और Government की ओर से कानूनी सलाह देने के लिए जिम्मेदार है. इसलिए, अगर वरिष्ठ अधिकारी एक के बाद एक जाते हैं, तो केस मैनेजमेंट की निरंतरता और ऑफिस की क्षमता पर सवाल उठ सकते हैं.

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केआर/