बसपा से बाहर किए जाने के बीच आकाश आनंद ने मायावती को लिखा पोस्ट; बोले-किसी दल में नहीं जाऊंगा, बसपा ही मेरा परिवार

Lucknow, 2 अक्टूबर . बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से बाहर किए जाने के बीच पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने Friday को बसपा सुप्रीमो मायावती को संबोधित करते हुए अपना रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि उनके किसी दूसरे Political दल में जाने की खबरें और अफवाहें पूरी तरह गलत हैं. वह न तो किसी अन्य दल में जा रहे हैं और न ही भविष्य में ऐसा करेंगे. आकाश आनंद ने कहा कि बसपा उनके लिए सिर्फ एक Political दल नहीं बल्कि उनका परिवार है.

मायावती को संबोधित अपने संदेश में आकाश आनंद ने कहा, “परम आदरणीय बहन जी, आप मेरी राजनैतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं और मेरी बुआ मां भी हैं.” उन्होंने कहा कि राजनीति में उन्होंने जो कुछ सीखा है, वह मायावती से ही सीखा और जो भी Political भूमिका निभाई, वह उनके मार्गदर्शन में निभाई है. आकाश आनंद ने कहा कि वह अपनी बात सीधे मायावती और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया और social media में उनके बारे में कई तरह की खबरें और अफवाहें चल रही हैं. इन पर स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि वह किसी दूसरे Political दल में शामिल नहीं हो रहे हैं. उन्होंने कहा, “बीएसपी मेरे लिए सिर्फ एक पार्टी नहीं, मेरा परिवार है.” आकाश आनंद ने मायावती के उस फैसले का भी समर्थन किया, जिसके तहत अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर किया गया और उनके राजनीति से संन्यास लेने के फैसले को स्वीकार किया गया.

उन्होंने कहा कि मायावती का यह फैसला पूरी तरह उचित है और वह इस फैसले के साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा कि रिश्ते अपनी जगह हैं, लेकिन पार्टी और बहुजन आंदोलन का हित उनसे बड़ा है. व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन के हित को रखना उनकी जिम्मेदारी है. आकाश आनंद ने अपने social media से दूरी बनाने के दौरान मायावती की ओर से किए गए एक पोस्ट को रिपोस्ट नहीं करने को लेकर भी सफाई दी. उन्होंने कहा कि उस समय वह खुद social media से दूर थे, इसलिए मायावती के पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर सके. उनकी इस चुप्पी को अलग तरीके से समझा गया और इससे कई तरह की अफवाहों को जगह मिली.

उन्होंने कहा कि यदि उनकी इस चुप्पी से मायावती को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए उनसे क्षमा मांगते हैं. आकाश आनंद ने अपने संदेश में मायावती के नेतृत्व में फिर से पार्टी और बहुजन मिशन की सेवा करने की इच्छा जताई. उन्होंने कहा कि वह केवल उनके नेतृत्व में पार्टी और मिशन के लिए काम करने का अवसर चाहते हैं. उन्होंने कहा, “विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है और मैं उसे अपने आचरण और अपनी मेहनत से साबित करूंगा.”

आकाश आनंद ने अपने संदेश का समापन बसपा और बहुजन आंदोलन के मूल वैचारिक संदर्भों के साथ किया. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का मिशन, मान्यवर कांशीराम का रास्ता और मायावती का नेतृत्व ही उनकी राजनीति है. उन्होंने अंत में कहा, “जय भीम. जय बसपा.”

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विकेटी/पीएम