
कोलकाता, 21 सितंबर . केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने Monday को पश्चिम बंगाल में मत्स्य पालन और जलीय कृषि के विकास को लेकर हुई समीक्षा बैठक के बाद कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने बंगाल में मत्स्य उत्पादन, एक्वाकल्चर, निर्यात, कोल्ड चेन और मछुआरों के सामाजिक सुरक्षा पंजीकरण पर चर्चा की जानकारी दी. साथ ही, बिहार के जमुई में हुई घटना को लेकर विपक्ष के हमलों पर पलटवार करते हुए कहा कि एक व्यक्तिगत घटना के आधार पर पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाया जा सकता.
उन्होंने बताया कि समीक्षा बैठक में पश्चिम बंगाल में मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ निर्यात को आधार बनाकर पूरे क्षेत्र के विस्तार पर चर्चा हुई. बैठक में केंद्र और राज्य Government के अधिकारियों के साथ मत्स्य पालन और जलीय कृषि से जुड़े विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. एक दशक से अधिक समय बाद पश्चिम बंगाल में इस स्तर की मत्स्य समीक्षा बैठक आयोजित की गई है.
उन्होंने कहा कि सुंदरबन, पूर्वी मेदिनीपुर और 24 परगना जैसे तटीय क्षेत्रों में उपलब्ध ब्रैकिश वाटर का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है. एक्वाकल्चर तकनीक के जरिए झींगा और अन्य उच्च मूल्य वाली प्रजातियों का उत्पादन बढ़ाकर उनके निर्यात को बढ़ावा देने पर विचार किया गया. एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में गहरे समुद्र में मछली पकड़ने, हाई-वैल्यू मछलियों के उत्पादन, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी विस्तृत चर्चा हुई.
राजीव रंजन सिंह ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में नई Government के आने के बाद मत्स्य क्षेत्र से जुड़े कामों में तेजी आई है. Prime Minister मत्स्य संपदा योजना के तहत पिछले चार वर्षों से लंबित योजनाओं को गति मिली है. पिछले चार महीनों में दो लाख से अधिक मछुआरों का पंजीकरण हुआ है. मछुआरों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनका पंजीकरण करना और योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुंचाना Government की प्राथमिकताओं में शामिल है.
उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह पहले समीक्षा बैठक के लिए बंगाल आए थे तो राज्य Government ने सबसे निचले स्तर के अधिकारी को बैठक में भेजा था. उन्होंने कहा कि पूछताछ करने पर बताया गया था कि Chief Minister के निर्देश पर India Government की समीक्षा बैठक में विभाग के सबसे निचले स्तर के अधिकारी को भेजा गया. जिस राज्य Government का केंद्र की समीक्षा बैठकों के प्रति ऐसा रवैया होगा, वहां विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की उम्मीद कैसे की जा सकती है.
बिहार के जमुई में लड़के और लड़की के साथ कथित दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की घटना पर विपक्ष की ओर से राज्य की कानून-व्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में ललन सिंह ने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है. उन्होंने घटना को एक अलग-थलग मामला बताया. उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्तिगत घटना के आधार पर पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था का आकलन नहीं किया जा सकता. उन्होंने दावा किया कि घटना सामने आने के बाद Police ने कार्रवाई की है.
उन्होंने कहा कि विपक्ष को पहले यह देखना चाहिए कि 2005 से पहले बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति कैसी थी. उन्होंने दावा किया कि पहले महिलाएं सूर्यास्त के बाद घर से निकलने में डरती थीं, जबकि आज महिलाएं देर रात तक बाहर निकल रही हैं. अपराध की कोई भी व्यक्तिगत घटना हो सकती है, लेकिन ऐसी घटना होने पर Police कार्रवाई करती है. ललन सिंह ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने Political सहयोगियों से बिहार के पुराने शासनकाल के बारे में पूछना चाहिए.
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/एबीएम
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