
कोलकाता, 26 अगस्त . जादवपुर विश्वविद्यालय में हाल ही में हुई घटनाओं की जांच के तहत कोलकाता Police विश्वविद्यालय प्रशासन से मिली जानकारी और social media पर वायरल मोबाइल वीडियो क्लिप्स पर विशेष ध्यान दे रही है. जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि झड़पों को भड़काने में किसकी भूमिका थी और घटनाक्रम कैसे शुरू हुआ.
कोलकाता Police के एक अधिकारी ने Wednesday को बताया कि Police सुरक्षा गार्डों के बयान दर्ज करेगी और उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी. साथ ही परिसर में लगे cctv कैमरों की फुटेज की भी जांच शुरू कर दी गई है.
कोलकाता Police की फॉरेंसिक टीम ने विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों से कई नमूने एकत्र किए हैं. विशेष रूप से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना के दौरान किसी ज्वलनशील या रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल हुआ था या नहीं. अधिकारियों का मानना है कि फॉरेंसिक जांच से घटना की प्रकृति और कारणों को समझने में मदद मिलेगी. जरूरत पड़ने पर अन्य नमूनों से भी इनकी तुलना की जाएगी.
Police ने विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ चर्चा के बाद सुरक्षा गार्डों की एक सूची तैयार की है. जांचकर्ता उनसे पूछेंगे कि घटना के समय उनकी ड्यूटी कहां थी, उन्होंने क्या देखा, और क्या उन्होंने किसी प्रकार का शोर-शराबा या आगजनी करते देखी थी.
अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा गार्डों के बयान और उनके मोबाइल फोन में मौजूद वीडियो रिकॉर्डिंग जांच के लिए महत्वपूर्ण सुराग दे सकते हैं. यह भी देखा जाएगा कि घटना वाले दिन या उसके आसपास कोई वीडियो रिकॉर्ड किया गया था या नहीं और उसमें कोई अहम दृश्य कैद हुआ है या नहीं.
जांच एजेंसियां विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी, दस्तावेजों और वीडियो फुटेज की तुलना social media पर प्रसारित वीडियो क्लिप्स से भी करेंगी. फॉरेंसिक विशेषज्ञ यह जांच करेंगे कि वीडियो वास्तव में घटना वाले दिन के हैं या नहीं, उनमें किसी प्रकार की एडिटिंग तो नहीं की गई और क्या उनमें मौजूद लोगों की पहचान की जा सकती है.
Tuesday को सहायक Police आयुक्त मनोज कुमार झा आरोपों की जांच के सिलसिले में विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे थे. उन्होंने रजिस्ट्रार सलीम बॉक्स मंडल से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हुई झड़पों को लेकर चर्चा की.
बता दें कि 19 और 20 अगस्त को दक्षिण कोलकाता स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय के बाहर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की छात्र इकाई स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के बीच दो बार झड़प हुई थी.
पहली झड़प 8बी बस स्टैंड चौराहे पर एसएफआई कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच हुई थी. दूसरी झड़प विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई.
दूसरी झड़प के दौरान प्रसिद्ध चित्रकार नंदलाल बोस द्वारा डिजाइन किया गया जादवपुर विश्वविद्यालय का प्रतीक चिह्न क्षतिग्रस्त हो गया था. बाद में इसे मरम्मत कर 21 अगस्त को गेट नंबर-4 पर दोबारा स्थापित कर दिया गया.
इस बीच, जादवपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 19 और 20 अगस्त की घटनाओं की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश प्रणब कुमार चटर्जी की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया है. समिति की पहली बैठक 27 अगस्त को आयोजित होगी.
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एएमटी/डीकेपी
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