‘फ्लाईदुबई फ्लाइट में सुरक्षा में हुई लापरवाही’, ओमान के पायलट की मौजूदगी पर इजरायली दूत याविन रेवाच ने उठाए सवाल

Mumbai , 2 अक्टूबर . यूएई से इजरायल जा रहे अमीराती विमान फ्लाईDubai फ्लाइट एफजेड1073 के कॉकपिट में Wednesday को हुई घटना में ओमान के पायलट की मौजूदगी कई सवाल खड़े करती है. के साथ घटना पर बात करते हुए इजरायल के महावाणिज्यदूत (मध्य पश्चिम भारत) याविन रेवाच ने बेहद चौंकाने वाले तथ्‍यों पर चर्चा की.

से चर्चा के दौरान याविन रेवाच ने व‍िमान में ओमान के पायलट की मौजूदगी को संद‍िग्‍ध बताया. उनके अनुसार, इजरायल जाने वाली फ्लाइट उड़ा रहे हर पायलट के पास ऐसे देश का पासपोर्ट होना जरूरी है, जिसके इजरायल के साथ आधिकारिक राजनयिक संबंध हों. उन्होंने कहा क‍ि यहां शायद कोई समस्या हुई या सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही हुई, क्योंकि विमान में ओमान का एक पायलट मौजूद था. इस मामले की जांच इजरायल और यूएई के अधिकारी करेंगे. जो इस मामले के विशेषज्ञ हैं, उन्हें अपना काम करने देना चाहिए.

दूसरी मुख्‍य बात पर प्रकाश डालते हुए महावाणिज्यदूत रेवाच ने कहा क‍ि विमान में किसी तरह का तरल पदार्थ, लाइटर वगैरह ले जाने की इजाजत नहीं होती. लेकिन कॉकपिट के अंदर एक क्रैश एक्स (कुल्हाड़ी) मौजूद था, जिसका इस्तेमाल हमलावर पायलट ने किया. इसलिए मुझे लगता है कि पूरी घटना की योजना पहले से बनाई गई थी, क्योंकि उसे पता था कि वह विमान में अपने साथ ऐसी कोई चीज नहीं ला सकता और उसे यह भी पता था कि कॉकपिट में कुल्हाड़ी मौजूद है, जिसका वह इस्तेमाल कर सकता है.

महावाणिज्यदूत रेवाच ने ईरान की गत‍िव‍िधि पर शंका जाह‍िर की. उन्‍होंने कहा क‍ि हम इस बारे में साफ तौर पर कुछ नहीं कह सकते. लेकिन मैं ईरान और उसके समर्थित गुटों के बारे में साफ तौर पर कह सकता हूं कि ईरान, लेबनान में हिजबुल्लाह, इराक में शिया मिलिशिया और यमन में हूती लड़ाकों को ट्रेनिंग और पैसा देता है. साथ ही उन्हें काफी आधुनिक टेक्नोलॉजी और हथियार भी मुहैया कराता है. वे सिर्फ इजरायल ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश करते हैं, जिसमें उनके पड़ोसी देश जैसे सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, ओमान वगैरह भी शामिल हैं.

रेवाच ने कहा क‍ि हमने इसी हफ्ते यह भी देखा कि हूती विद्रोहियों ने मुसलमानों के सबसे पवित्र शहर मक्का पर सीधे हमला करने की कोशिश की. इसलिए आखिर में हमें यह समझना होगा कि ईरान इस क्षेत्र में एक बहुत खतरनाक ताकत है. लेकिन, मुझे अभी यह पक्का नहीं है कि इस आतंकी हमले में ईरान की कोई भूमिका थी या नहीं. साथ ही हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि पश्चिमी मीडिया और अल जजीरा को यहूदियों और इजरायलियों के खिलाफ भड़काऊ सामग्री को बढ़ावा देते समय बहुत सावधान रहने की जरूरत है. आखिर में हमने देखा कि इसका नतीजा क्या हुआ.

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एवाई/एबीएम