
पेरिस, 6 अक्टूबर . फ्रांस में स्कूलों के बदहाल हालात और शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर जारी छात्र आंदोलन को लंबा वक्त बीत चुका है. विरोध राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन में बदल गया है. देशभर में हजारों छात्रों, शिक्षकों, ट्रेड यूनियनों और अभिभावक संगठनों ने Tuesday को सड़कों पर उतरना शुरू कर दिया है. इस बीच उत्तरी शहर लेंस में प्रदर्शन के दौरान एक 15 वर्षीय छात्र का हाथ उड़ जाने की घटना ने Police कार्रवाई को लेकर बहस और तेज कर दी है.
Monday को लेंस में एक हाई स्कूल के बाहर प्रदर्शन के दौरान छात्र गंभीर रूप से घायल हुआ. पास-दे-कलै के प्रीफेक्ट फ्रांस्वा-जेवियर लॉश ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि छात्र किस तरह घायल हुआ या इसमें Police की स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल शामिल था या नहीं.
स्थानीय समाचार पत्र ‘ला वोआ दु नोर’ ने बताया कि छात्र ने Police की ओर से इस्तेमाल किए गए स्टन ग्रेनेड को उठाया था, जिसके बाद विस्फोट में उसका हाथ उड़ गया. रॉयटर्स ने बाद में अपनी रिपोर्ट में भी इस दावे को स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया और स्पष्ट किया कि प्रीफेक्ट ने स्वयं इस बात की पुष्टि नहीं की थी.
प्रीफेक्ट के अनुसार, घटना के समय करीब 150 से 200 प्रदर्शनकारी Police पर विभिन्न वस्तुएं फेंक रहे थे, जिसके बाद दंगा-रोधी Police ने हस्तक्षेप किया. घटना की परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक जांच जारी है.
छात्र संगठनों ने Tuesday को देशव्यापी विरोध दिवस का आह्वान किया था. ट्रेड यूनियनों, शिक्षकों, सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों और अभिभावक संगठनों ने भी छात्रों के समर्थन में मार्च का आह्वान किया है.
यह आंदोलन फ्रांस की शिक्षा व्यवस्था में कथित कम निवेश, शिक्षकों की कमी, भीड़भाड़ वाली कक्षाओं और जर्जर स्कूल भवनों को लेकर शुरू हुआ था. पिछले सप्ताह विरोध प्रदर्शनों ने तेजी पकड़ ली और कई जगहों पर छात्रों तथा Police के बीच झड़पें हुईं.
शिक्षा मंत्री एडुआर जफ्रे के अनुसार, Monday को देश के करीब 3,700 हाई स्कूलों में से 400 से 500 स्कूल पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद रहने की संभावना थी. इससे पहले Government ने कहा था कि 24 स्कूलों में आगजनी या तोड़फोड़ हुई है और 78 शिक्षा कर्मचारी घायल हुए हैं.
प्रदर्शन अब केवल हाई स्कूलों तक सीमित नहीं रह गया है. Monday को फ्रांस के करीब 40 विश्वविद्यालय परिसरों में भी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन के समर्थन में गतिविधियां कीं. उच्च शिक्षा मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट ने कहा कि Tuesday के राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालयों में भी व्यवधान बढ़ सकता है.
पिछले दिनों प्रदर्शन के दौरान Police और छात्रों के बीच कई जगहों पर हिंसक झड़पें हुई हैं. Police ने बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया है और स्कूलों तथा अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं. Police अधिकारियों के घायल होने की भी खबर है.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे ऐसे स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं, जहां कक्षाएं जरूरत से ज्यादा भरी हुई हैं, शिक्षकों की कमी है और इमारतों की हालत खराब है. छात्रों का आरोप है कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में पर्याप्त निवेश नहीं किया गया है.
Government ने हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं की निंदा की है. फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान किया जाएगा, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ को स्वीकार नहीं किया जा सकता.
Tuesday के प्रदर्शन से पहले राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई . अधिकारियों को आशंका है कि बड़ी संख्या में छात्रों के सड़कों पर उतरने से तनाव बढ़ सकता है. छात्र संगठनों का कहना है कि उनका आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और Government से छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग को लेकर है.
इस बीच 15 वर्षीय छात्र के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने Police की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. फ्रांस में प्रदर्शनकारियों और Police के बीच टकराव को लेकर पहले से ही Political और सामाजिक बहस चल रही है. छात्र आंदोलन के Tuesday के राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के साथ और व्यापक होने की आशंका है.
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केआर/
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