फ्रांस दंगों के दौरान एआई का हुआ इस्तेमाल, कुछ तस्वीरें हमारे देश की थी ही नहीं: राष्ट्रपति मैक्रों

दोहा, 21 अक्टूबर . फ्रांस के President इमैनुएल मैक्रों ने दावा किया है कि उनके देश में हिंसक प्रदर्शन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि उनके देश में हुए दंगों का किसी धर्म विशेष से कोई लेना देना नहीं था. हाल ही में बढ़ती महंगाई के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया था.

खाड़ी देशों की यात्रा के बाद दोहा में पत्रकारों से बात करते हुए मैक्रों ने ये बातें कही. एलिसी पैलेस (फ्रांस के President का आधिकारिक निवास और मुख्य कार्यालय) ने प्रेस वार्ता का सीधा प्रसारण किया. उन्होंने कहा, “सूचनाओं के साथ विदेशी स्तर पर छेड़छाड़ की गई, जिसके कारण कई लोगों—जिनमें विदेशी नेता भी शामिल हैं—ने गैर जिम्मेदाराना टिप्पणियां कीं. इन लीडर्स ने दंगों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) द्वारा बनाई फर्जी वीडियो को देखकर बयान दिए.”

मैक्रों ने स्पष्ट किया, “सप्ताहांत में फ्रांस में जो कुछ हुआ, उसमें हमें किसी विदेशी हस्तक्षेप का सुराग नहीं मिला. लेकिन हमने एआई द्वारा बनाई गई ऐसी तस्वीरें देखीं, जिनमें ऐसे दृश्य दिखाए गए जो फ्रांस में कभी हुए ही नहीं थे. कुछ लोगों ने दावा किया कि फ्रांस पर प्रवासियों और इस्लामवादियों की भीड़ ने हमला कर दिया है जो कि पूरी तरह से झूठ है.”

उन्होंने आगे कहा, “ऐसे मौकों पर पता चल जाता है कि कौन फ्रांस को पसंद करता है और कौन नहीं. जो लोग अभी हमारे बारे में बुरा बोल रहे हैं, वे हमारे देश को पसंद नहीं करते.”

ट्रंप ने फ्रांस में अगले साल होने वाले President चुनावों में दक्षिणपंथी खेमे की प्रमुख उम्मीदवार मरीन ले पेन को एक “रूढ़िवादी” नेता बताया.

देश के कुछ हलकों में मैक्रों के मध्य पूर्व दौरे की भी खूब आलोचना हो रही है. Sunday को राष्ट्र के नाम दिए उनके संबोधन की भी निंदा हुई; आलोचकों का तर्क था कि उसमें आगे की कोई स्पष्ट दिशा नहीं थी. वहीं, दोहा में स्वदेश लौटने से पहले उन्होंने दम से कहा कि स्थिति उनके नियंत्रण में है. उन्होंने कहा, “घबराहट या बेचैनी के कोई संकेत नहीं हैं. मैं पद पर रहते हुए अपनी जिम्मेदारी निभा रहा हूं.”

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केआर/