
नई दिल्ली, 5 अक्टूबर . भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) के लिए फ्रांस के President के विशेष दूत गेरार्ड मेस्ट्रैलेट 5 से 7 अक्टूबर तक दिल्ली दौरे पर हैं.
इस दौरान वे ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर फोरम और आईएमईसी पोर्ट्स क्लब में हिस्सा लेंगे. साथ ही भारत-फ्रांसीसी बिजनेस चैंबर से कनेक्टिविटी सहयोग पर चर्चा करेंगे.
फ्रांस के President के विशेष दूत गेरार्ड मेस्ट्रैलेट पांच अक्टूबर को मेस्ट्रैलेट लीला पैलेस में आयोजित ग्लोबल गेटवे-ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर और हब फोरम में भाग लेंगे. ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर यूरोपीय संघ की ग्लोबल गेटवे रणनीति की एक प्रमुख पहल है.
इस पहल का उद्देश्य सतत समुद्री ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने वाले गलियारों के माध्यम से यूरोपीय बंदरगाहों को विश्व स्तर पर रणनीतिक बंदरगाहों से जोड़ना है.
इसके अलावा गेरार्ड मेस्ट्रैलेट अपनी इस यात्रा के दौरान बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार से मुलाकात करेंगे. साथ ही भारत-फ्रांसीसी वाणिज्य एवं उद्योग चैंबर (आईएफसीसीआई) की लॉजिस्टिक्स एवं आपूर्ति श्रृंखला समिति के साथ बैठक करेंगे.
इसके बाद गेरार्ड मेस्ट्रैलेट 6 अक्टूबर को वे आईटीसी मौर्या में आयोजित होने वाले आईएमईसी पोर्ट्स क्लब वर्किंग-डे के उद्घाटन सत्र में भाषण देंगे. मेस्ट्रैलेट ग्लोबल गेटवे आईएमईसी सत्र में भी बोलेंगे. उसी दिन मेस्ट्रैलेट और मार्सिले फॉस बंदरगाह के पर्यवेक्षी बोर्ड के अध्यक्ष क्रिस्टोफ कैस्टनर के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी.
इससे पहले सितंबर 2024 में फ्रांस के President के विशेष दूत गेरार्ड मेस्ट्रैलेट ने India का दौरा किया था. उनका यह दौरा India और फ्रांस के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए था. इस दौरान उन्होंने India की इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास रणनीतियों को समझा. उन्होंने परियोजना से जुड़े प्रमुख कारोबारी और आर्थिक हितधारकों से भी मुलाकात की.
बता दें कि इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने Friday को कहा कि उन्होंने अमेरिका में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान फ्रांस के विदेश व्यापार और आर्थिक मंत्री निकोलस फोरिसियर के साथ बैठक की.
social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गोयल ने बताया कि उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की. उनके अनुसार, बातचीत में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में प्रगति में तेजी लाने, India में एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग बढ़ाने, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के एकीकरण और संयुक्त इनोवेशन पहलों पर ध्यान केंद्रित किया गया.
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एवाई/एबीएम
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