
तिरुवनंतपुरम, 25 अक्टूबर . केरल के एक फोर्ट कोच्चि कैफे विवाद में social media इन्फ्लुएंसर अमृत सिंह दरन पर कार्रवाई के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य के Chief Minister वीडी सतीशन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव पर चुनिंदा बातें आपको भी अपने से पहले के अन्य सभी ढोंगी राजनेताओं बना देंगी.
Chief Minister वीडी सतीशन को जवाब देते हुए केरल भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने ‘एक्स’ पर लिखा, “केरल सभी मलयाली लोगों के लिए है. मलयाली ही केरल का वर्तमान और भविष्य तय करेंगे. हमारा भोजन, हमारी संस्कृति, हमारे उत्सव. केरलम India का हिस्सा है और प्रत्येक मलयाली भी भारतीय है.”
राजीव चंद्रशेखर ने लिखा, “मैं Chief Minister की पोस्ट में कही गई बात से सहमत हूं. हालांकि, केरल में बन रहे Political कल्चर को लेकर जायज सवाल उठते हैं.”
उन्होंने पहला सवाल किया कि कुछ लोग जिन्ना का महिमामंडन क्यों करते हैं, जिसने धर्म के आधार पर India का बंटवारा किया? अपने दूसरे सवाल में चंद्रशेखर ने पूछा कि कुछ राजनेता हमास जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों और उनकी हिंसा को क्यों सही ठहराते हैं, उनका बचाव करते हैं और उन्हें बढ़ावा देते हैं? साथ ही, भाजपा नेता ने पूछा कि कांग्रेस और सीपीएम जैसी Political पार्टियां जमात-ए-इस्लामी जैसे उन संगठनों के साथ Political गठबंधन क्यों करती हैं, जो खुले तौर पर धर्मनिरपेक्षता और भारतीय संविधान के विरोधी हैं?
फोर्ट कोच्चि के कैफे ‘काशी’ का जिक्र करते हुए राजीव चंद्रशेखर ने कहा, “भले ही Chief Minister वीडी सतीसन इस विनाशकारी Political संस्कृति को सही ठहराने के लिए जितनी भी Political पैंतरेबाजी कर लें, लेकिन यह बात साफ है, कुछ लोग जो अपमानजनक और असंवेदनशील व्यवहार करके बच निकलने की सोचते हैं, वे ऐसा इसलिए कर पाते हैं क्योंकि उन्हें कांग्रेस और सीपीएम से इसके लिए खुली छूट मिलती है.”
उन्होंने कहा, “जरा सोचिए, अगर कोई किसी मुस्लिम पवित्र शहर के नाम पर रेस्तरां खोले और वहां ‘पोर्क’ (सूअर का मांस) परोसे, तो केरल के Chief Minister का ट्वीट और प्रतिक्रिया क्या होगी? ऐसी स्थिति में या तो वे पूर्व Chief Minister बन जाएंगे, या अपनी जान बचाने के लिए भाग जाएंगे, या फिर ये दोनों ही बातें हो सकती हैं.”
इस दौरान, राजीव चंद्रशेखर ने पूर्व सीएम पिनाराई विजयन का जिक्र करते हुए कहा, “केरल में हमास के कट्टरपंथ फैलाने के प्रयासों के खिलाफ बोलने की वजह से पिनाराई विजयन ने मुझे अपशब्द कहे और मुझे निशाना बनाया. अनुच्छेद 19- बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार हर भारतीय पर लागू होता है. अनुच्छेद 19(2) के तहत बोलने की स्वतंत्रता पर लगाई गई पाबंदियां भी हर भारतीय पर लागू होती हैं. इसलिए, Chief Minister सतीसन को मेरी यही सलाह है कि सभी मलयालियों के प्रति समान रूप से संवेदनशीलता और सम्मान सुनिश्चित करें, चाहे वे हिंदू हों, ईसाई हों या मुसलमान.”
चंद्रशेखर ने पोस्ट में लिखा, “जिन्ना के महिमामंडल जैसी बातों, टिप्पणियों, हरकतों या भावनाओं को बढ़ावा न दें. चुनिंदा धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव पर चुनिंदा बातें आपको भी अपने से पहले के अन्य सभी ढोंगी राजनेताओं जैसा ही बना देंगी.”
–
डीसीएच/
Skip to content