
New Delhi, 1 सितंबर . नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर दर्ज First Information Report को लेकर Supreme Court ने Tuesday को बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने विशेष अधिकार आर्टिकल 142 का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली और चार राज्यों (असम, Maharashtra, बंगाल और बिहार) में दर्ज First Information Report को रद्द करने का आदेश दिया है. Supreme Court ने दिल्ली Police को 2873 आपराधिक इतिहास वाले लोगों के खिलाफ नई First Information Report दर्ज करने की इजाजत दी है.
यह First Information Report 20 से 25 जुलाई के बीच दर्ज की गई थी. इस मामले में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने सुनवाई की.
दरअसल, दिल्ली Police के अलावा चार राज्य Governmentों ने Supreme Court में अर्जी दाखिल कर प्रदर्शन से जुड़ी First Information Report को आर्टिकल 142 के तहत रद्द करने की गुहार लगाई थी. इस पर Tuesday को कोर्ट में सुनवाई हुई.
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र Government और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें तीन बातों पर भरोसा दिया गया था. पहला भरोसा यह था कि जिन छात्रों पर First Information Report लगाई गई है, उसे वापस लिया जाएगा और कोई भी इन First Information Report को आगे नहीं बढ़ाएगा.
दूसरा भरोसा यह था कि 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच हुई घटनाओं के लिए कोई नई First Information Report दर्ज नहीं होगी. एसजी तुषार मेहता ने कोर्ट से अपील की कि यही आदेश उन सभी राज्यों के लिए भी लागू हो, जो कोर्ट नहीं आए हैं.
तीसरा भरोसा मुआवजे को लेकर था. एसजी तुषार मेहता ने कहा कि Government इस भरोसे पर कायम है और जिन छात्रों ने सुसाइड किया है, उनके परिवार को मुआवजा दिया जाएगा. इसके लिए अलग-अलग राज्य Governmentों और स्टेकहोल्डर्स से सलाह करके तौर-तरीके तय करने होंगे. उन्होंने इसके लिए कोर्ट से तीन महीने का समय मांगा. कोर्ट में मौजूद सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सीजेपी ने 5 सितंबर को होने वाला आंदोलन वापस ले लिया है.
सौरव दास ने पार्टी का स्टेटमेंट पढ़ते हुए कहा, “सीजेपी के को-कन्वीनर के तौर पर, मैं यह कहना चाहता हूं कि India Government के सकारात्मक भरोसे और आज की ज्यूडिशियल सैंक्टिटी को देखते हुए, और इस कोर्ट के ऑर्डर को देखते हुए, सीजेपी 5 सितंबर को मार्च का कॉल वापस लेना सही समझता है और आज के ऑर्डर का पालन करने की उम्मीद करता है. मैं इस फैसले के लिए कोर्ट को और दोनों तरफ के वकील, सॉलिसिटर जनरल को उनकी कोशिशों के लिए भी धन्यवाद देता हूं.” कोर्ट ने सौरव दास का बयान दर्ज कर लिया है.
एसजी तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि प्रदर्शन में शामिल 2,873 लोगों का क्रिमिनल रिकॉर्ड है और इनके खिलाफ नई First Information Report दर्ज की जाएगी. इस पर एडवोकेट हरिहरन ने उन 2,873 लोगों की लिस्ट मांगी, जिनके आपराधिक इतिहास के आधार पर Government मुकदमा दर्ज करने की इजाजत मांग रही है.
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, “अगर दोनों पक्ष आपस में विश्वास दिखाएं, तो सभी मुद्दे एक-एक करके हल हो सकते हैं. दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं है जो इतना मुश्किल हो कि उस पर खुले दिमाग से चर्चा न की जा सके.”
इस पर एसजी तुषार मेहता ने कहा, “मैं पूरी ईमानदारी से कहूंगा कि वो भी बहुत कंस्ट्रक्टिव और पॉजिटिव रहे हैं. हमारा पक्ष भी बहुत कंस्ट्रक्टिव और पॉजिटिव था. हम दुश्मन नहीं हैं.” कोर्ट ने अपनी अर्जियों में रखी बातों को ऑर्डर में दर्ज किया और अंत में दिल्ली और चार राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज First Information Report को रद्द करने का आदेश दे दिया.
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पीएम
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