
जम्मू, 27 अक्टूबर . चीन-अरुणाचल पर वायरल फर्जी एआई वीडियो को देश के खिलाफ विद्रोह बताते हुए सेवानिवृत्त कर्नल अजय रैना ने सवाल उठाया कि बिहार कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा पोस्ट किए गए डीपफेक वीडियो पर अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई और एडीजीपीआई चुप क्यों है. उन्होंने Pakistanी पीएम शहबाज शरीफ के कश्मीर समर्थन वाले बयान पर कहा कि वे समर्थन करते रह जाएंगे, उधर बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पीओजेके अलग हो जाएंगे.
सेवानिवृत्त कर्नल अजय रैना ने कहा, “पीओके में जो कुछ हो रहा है, वहां रोज एलएमजी से फायरिंग हो रही है. लोग चार महीने से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. यह दिखाता है कि वहां कितना प्यार-मोहब्बत है. रही बात ब्लैक डे की, तो पहले क्या होता था कि 22 अक्टूबर को, जब Pakistan समर्थित कबायली कश्मीर में घुसे थे, उसे ब्लैक डे बताते थे, लेकिन 2019 के बाद स्थिति बदल गई. अब 22 अक्टूबर को ब्लैक डे माना जाता है, क्योंकि उस दिन जब हमलावर अंदर आए थे, तब लूटपाट, हत्या, महिलाओं के साथ अत्याचार और बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी. वहीं 27 अक्टूबर को भारतीय सेना के आगमन को लोग अलग दृष्टिकोण से देखते हैं. इन लोगों को इस बात की परेशानी है कि उनका वर्षों पुराना नैरेटिव अब कमजोर पड़ रहा है. Pakistan अपने लोगों के साथ क्या कर रहा है, यह भी सबके सामने है.”
जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला के बयान पर उन्होंने कहा कि डॉ. अब्दुल्ला अपनी जगह पर निराश दिखाई देते हैं. उनका मानना कुछ और हो सकता है. कश्मीर में लंबे समय तक संघर्ष और आतंकवाद के दौर में बड़ी मात्रा में फंडिंग आती थी. मैं स्वयं 11 साल कश्मीर में रहा हूं. उस दौरान मैंने देखा कि कई परियोजनाएं कागजों पर बनती थीं और कागजों पर ही समाप्त हो जाती थीं.
रिटायर्ड कर्नल अजय रैना ने कहा कि जब ऐसी व्यवस्थाएं बंद हुईं तो कई लोगों के हित प्रभावित हुए. जहां तक Pakistan के प्रति दिखने वाले लगाव और Pakistan की ओर से आने वाली प्रतिक्रियाओं का सवाल है, लोग दोनों को जोड़कर देखते हैं, लेकिन बिना प्रत्यक्ष प्रमाण के इसे केवल अटकल ही माना जाएगा.
चीन और अरुणाचल प्रदेश को लेकर वायरल फर्जी एआई वीडियो को लेकर उन्होंने कहा कि डीपफेक तो लोग बनाएंगे. आज के दौर में डीपफेक और एआई जैसी तकनीकों के कारण इस तरह की चीजें बनाना आसान हो गया है. सेना से जुड़े लोग कई बार ऐसी फर्जी सामग्री को तुरंत पहचान लेते हैं. उदाहरण के लिए किसी वीडियो में पद और रैंक तक गलत दिखा दिए जाते हैं, लेकिन आम नागरिकों के लिए यह समझना कठिन होता है.
रिटायर्ड कर्नल अजय रैना ने कहा कि दुश्मन अपना काम करेगा. जैसे-जैसे तकनीक बढ़ेगी, उसका दुरुपयोग भी होगा. India Government से मेरी शिकायत यह है कि ये जो डीपफेक वीडियो बिहार कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ता ने पोस्ट किए, वो अब तक जेल के अंदर क्यों नहीं है? एडीजीपीआई, जो भारतीय सेना के रणनीतिक संचार को देखते हैं, वो प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे. ऐसे मामलों में कार्रवाई और तेजी से होनी चाहिए. ये तो देश के खिलाफ विद्रोह है.
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर फर्जी वीडियो बनाकर फैलाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए. जब तक ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे. ये कमजोरी हमारी है.
Pakistan के Prime Minister शहबाज शरीफ ने कहा कि वे कश्मीर के साथ खड़े हैं. इसे लेकर उन्होंने कहा कि Pakistan के Prime Minister कश्मीर के प्रति समर्थन जताते रहें, उधर से बलूचिस्तान अलग हो जाएगा, खैबर पख्तूनख्वा अलग हो जाएगा और पीओजेके अलग हो जाएगा. आप समर्थन ही करते रह जाइएगा. वो लाहौर और इस्लामाबाद के अंदर ही समर्थन करते रहेंगे. इनका भविष्य स्पष्ट है. यह उनका Political बयान है, लेकिन Pakistan के सामने अपने कई आंतरिक मुद्दे भी हैं. ऐसे में उनके बयानों से ज्यादा महत्वपूर्ण जमीनी हकीकत होती है.
रिटायर्ड कर्नल अजय रैना ने कहा कि जहां तक Pakistan के नेताओं के बयानों का सवाल है, अक्सर यह कहा जाता है कि वहां की सत्ता व्यवस्था में सेना का प्रभाव बहुत अधिक है और कई महत्वपूर्ण Political संदेश उसी परिप्रेक्ष्य में आते हैं. इसलिए ऐसे बयानों को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए. कुल मिलाकर Political बयान आते रहेंगे, लेकिन वास्तविकता यह है कि क्षेत्र की स्थिरता, विकास और लोगों का जीवन सबसे महत्वपूर्ण विषय है.
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