
रांची, 27 अक्टूबर . प्रशांत किशोर की अगुआई वाली जन सुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर 21 वर्षीय देवपालिक गुप्ता की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई है. Monday को रांची से Patna जाने के दौरान ट्रेन से अचानक गायब हुए देवपालिक का शव Tuesday दोपहर रांची जिले के मुरी जंक्शन के समीप जंगल वाले इलाके से बरामद किया गया है.
जनसुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने शव मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि Police मामले की तहकीकात कर रही है, हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह हादसा है या कोई आपराधिक वारदात. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के निवासी और दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व छात्र देवपालिक गुप्ता जनसुराज पार्टी में डिजिटल मीडिया की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
परिजनों और सहकर्मियों के अनुसार, 26 अक्टूबर को वह अपने दो अन्य साथियों के साथ रांची-Patna जनशताब्दी एक्सप्रेस के सी-2 कोच में सवार होकर Patna लौट रहे थे. दोपहर तीन बजे मुरी स्टेशन पहुंचने से कुछ देर पहले वह पेंट्री कार की तरफ भोजन का ऑर्डर देने गए थे, जिसके बाद वह अपनी सीट पर वापस नहीं लौटे. काफी समय बीत जाने के बाद जब साथियों ने उनकी तलाश शुरू की तो उनका मोबाइल फोन बंद मिला.
ट्रेन में मौजूद टीटीई और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों के साथ पूरी ट्रेन और मुरी स्टेशन पर छानबीन की गई लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद यात्रियों ने बोकारो पहुंचने पर रेल मदद ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कराई लेकिन आरोप है कि आरपीएफ और जीआरपी की क्षेत्राधिकार से जुड़ी खींचतान के कारण मामले में प्राथमिकी दर्ज होने में छह घंटे से अधिक का विलंब हुआ. अंततः रात नौ बजे रांची में मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई.
देवपालिक के सहकर्मियों ने Police-प्रशासन पर शुरुआती घंटों में ढिलाई बरतने और रात में सघन तलाशी अभियान न चलाने का गंभीर आरोप लगाया है. घटना के बाद जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने social media मंच एक्स पर Jharkhand के Chief Minister हेमंत सोरेन और रांची जिला प्रशासन को टैग करते हुए त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई थी. फिलहाल Police और जीआरपी की संयुक्त टीम शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की तफ्तीश में जुटी है.
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एसएनसी/पीएम
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