प्रवेश वर्मा मामले में शाइना एनसी बोलीं-सार्वजनिक जीवन में संयम जरूरी, लेकिन उकसावे पर प्रतिक्रिया भी स्वाभाविक

Mumbai , 28 सितंबर . दिल्ली Government में मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक युवक को थप्पड़ मारने की घटना पर शिवसेना की प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि किसी भी विवाद के दो पहलू होते हैं. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को संयम और संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी की मां, पिता, बेटी, बहन या पत्नी के बारे में अपशब्द कहता है, तो उस पर प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है.

शाइना एनसी ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि वह दिल्ली Government में मंत्री प्रवेश वर्मा के मामले में किसी का पक्ष नहीं ले रही हैं, बल्कि सभी को आत्ममंथन करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने अपशब्द कहे, उसे भी यह सोचना चाहिए कि उसने किसी को क्यों उकसाया और प्रतिक्रिया देने वाले व्यक्ति को भी विचार करना चाहिए कि उसने प्रतिक्रिया क्यों दी.

आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में उनके पिता के भूख हड़ताल पर बैठने को लेकर भी शाइना एनसी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि 22 वर्षीय युवा की मौत बेहद दुखद है और सभी को संवेदनशीलता के साथ उसके माता-पिता के साथ खड़ा होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि इस मामले में दो पहलुओं की जांच जरूरी है. Mumbai क्राइम ब्रांच को यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्र की मौत जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव के कारण हुई या इसके पीछे मानसिक तनाव जैसी कोई वजह थी. उन्होंने कहा कि सभी लोग सच्चाई सामने आने की उम्मीद कर रहे हैं. शाइना एनसी ने कहा कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर जल्दबाजी में पहुंचने के बजाय Police को मामले की जांच करने देनी चाहिए. जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा.

सीजेपी द्वारा घोषित ‘जेल भरो’ आंदोलन को लेकर शाइना एनसी ने कहा कि संगठन मीडिया और लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना Police और प्रशासन की जिम्मेदारी है.

उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन या प्रदर्शन के लिए अनुमति मिली है या नहीं, यह महत्वपूर्ण है. उनके मुताबिक, कानून का पालन करने वाला नागरिक अहिंसा का रास्ता अपना सकता है. उन्होंने कहा कि लोग ‘जेल भरो’ आंदोलनों और मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए किए जाने वाले प्रदर्शनों की प्रकृति को समझते हैं और Government तथा जनता पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है.

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