
प्रयागराज, 30 अगस्त . गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से दशाश्वमेध घाट समेत कई प्रमुख घाट डूब गए हैं. दारागंज-नागवासुकी इलाके में यातायात प्रभावित हुआ है. फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं. Sunday को मां गंगा ने बड़े हनुमान जी को स्नान करा दिया है. इस दौरान भव्य आरती की गई.
गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने को लेकर स्थानीय निवासी संदीप ने से बातचीत में कहा, “पानी काफी तेजी से बढ़ रहा है. लोग अपने सामना हटा रहे हैं. एक-दो दिन में पानी काफी तेजी से बढ़ा है. अभी सड़क पर पानी है, घरों में घुसने की आशंका बढ़ गई है. हम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.”
एक और शख्स ने कहा, “हर वर्ष जलस्तर में बढ़ोतरी होती है. माघ मेले के दौरान बनी रिंग रोड डूब गई है. वहां रहने वालों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जैसे-जैसे पानी बढ़ता है, वैसे-वैसे सब्जी मंडी आगे बढ़ती रहती है और दारागंज थाने तक पहुंच गई है. स्थिति ऐसी हो जाती है कि जो मकान बने हैं, फर्स्ट फ्लोर और सेकेंड फ्लोर पानी में डूब जाते हैं. आवागमन के लिए लोग नाव का इस्तेमाल करते हैं. प्रशासन की ओर से भी पूरी तरह से सहयोग किया जाता है.
वहीं, वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर हर घंटे 4 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है और यह 68.94 मीटर तक पहुंच गया है, जो 71.26 मीटर के खतरे के निशान के करीब है. सभी 84 घाट पानी में डूब गए हैं, जिसके चलते अधिकारियों ने बाढ़ से निपटने की तैयारी और निगरानी बढ़ा दी है.
बिहार के भागलपुर जिले में भी गंगा का पानी शहरी इलाकों तक पहुंच गया है. जिले में मंदिर परिसर डूब गया है. भागलपुर आपदा प्रबंधन के एडीएम कुंदन कुमार ने बताया कि कल से जहाज का इस्तेमाल किया जाएगा. बीच में जो गाद बच गई है, उसके लिए भी बातचीत की जा रही है. स्थिति पर नजर रखी जा रही है. सभी इंजीनियर अभियंताओं की ओर से कैंप किया जा रहा है. सभी प्रशासनिक अधिकारी भी कैंप कर रहे हैं.
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एसडी/डीएससी
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